गुना: आंगनबाड़ी केंद्रों के औचक निरीक्षण में अनियमितताएं, सुधार के निर्देश
गुना में कलेक्टर के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण हुआ। साफ-सफाई, पोषण आहार, कर्मचारियों की उपस्थिति में खामियां मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 10 सितंबर 2026
गुना जिले में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार, विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान, केंद्रों के संचालन, स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की गुणवत्ता और शाला पूर्व गतिविधियों जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान जिन भी केंद्रों पर अनियमितताएं या कमियां पाई गईं, वहां संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
यह औचक निरीक्षण बाल विकास योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन का आकलन करने और उनमें आवश्यक सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया था। अधिकारियों ने प्रत्येक केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और जहां सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां संबंधित अधिकारियों को सख्त कदम उठाने के लिए निर्देशित किया।
आरोन परियोजना के केंद्रों पर स्वच्छता और पोषण आहार की जांच
अनुविभागीय अधिकारी मंजूषा खत्री और परियोजना अधिकारी योगिता बैरागी ने आरोन परियोजना के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया। उन्होंने खजूरी और वार्ड क्रमांक-11 स्थित केंद्रों का जायजा लिया। वार्ड-11 के केंद्र पर भवन की स्थिति संतोषजनक पाई गई, और 10 बच्चे उपस्थित मिले। अधिकारियों ने बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और टेक होम राशन की गुणवत्ता की भी जांच की, जिसे निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। वहीं, खजूरी केंद्र पर साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर विशेष स्वच्छता प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने केंद्रों पर उपलब्ध शिक्षण सामग्री और खेलकूद के साधनों के समुचित उपयोग पर भी बल दिया, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिल सके।
गुना ग्रामीण क्षेत्र में अव्यवस्था पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश कुमार चंदेल और परियोजना अधिकारी दीपा शर्मा ने गुना ग्रामीण परियोजना के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। खेजरा-1 और करोद-1 केंद्रों पर साफ-सफाई की घोर कमी और बच्चों की बेहद कम उपस्थिति देखकर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे केंद्रों का नियमित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करें। इसके विपरीत, मंगलवार केंद्र पर स्थिति संतोषजनक पाई गई, जहां कार्यकर्ता बच्चों को शाला पूर्व गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करते हुए पाए गए।
कर्मचारियों की अनुपस्थिति और गुणवत्ता संबंधी खामियों पर सख्त कार्रवाई
सहायक संचालक रिशु सुमन ने म्याना सेक्टर के आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। इस दौरान, डुंगासरा-1 और डुंगासरा-2 केंद्रों पर कार्यकर्ता बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर अनियमितता पर अधिकारी ने अत्यंत नाराजगी व्यक्त करते हुए, दोनों अनुपस्थित कार्यकर्ताओं के विरुद्ध तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। डुंगासरा हाडा केंद्र पर बच्चों की संख्या कम मिलने के मामले में, कार्यकर्ता को यह निर्देश दिया गया कि वह सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करे।
इसी क्रम में, चक माधौपुर केंद्र पर बच्चों को शिक्षा तो दी जा रही थी, परंतु नाश्ता और भोजन उपलब्ध न होने की स्थिति पर भी अधिकारियों ने अप्रसन्नता व्यक्त की। चक माधौपुर की सहरिया बस्ती में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया गया, ताकि भविष्य में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हो सकें। भदौरा-2 केंद्र पर भी सहायिका के बिना सूचना अनुपस्थित रहने के मामले में नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
आगे की कार्रवाई और भविष्य की योजनाएं
निरीक्षण के अंत में, अधिकारियों ने परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि वे भविष्य में आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें। इसका उद्देश्य व्यवस्थाओं में निरंतरता और सुधार बनाए रखना है। यह कदम बाल विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और लाभार्थियों तक उनका समुचित लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
