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गुना: आंधी-बारिश से हनुमंता मंदिर की बाउंड्री वॉल धराशायी

गुना में रविवार देर शाम तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने हनुमंता मंदिर परिसर को भारी नुकसान पहुंचाया। एक विशाल पेड़ गिरने से बाउंड्री वॉल...

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•संवाददाता: राजा हतम वेग
गुना: आंधी-बारिश से हनुमंता मंदिर की बाउंड्री वॉल धराशायी

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 19 अक्टूबर 2026

रविवार देर शाम गुना में आई भयंकर आंधी और मूसलाधार बारिश ने हनुमंता मंदिर परिसर में तबाही मचाई है। तेज हवाओं के झोंकों के कारण मंदिर परिसर के बाहर खेत में स्थित एक विशाल और पुराना पेड़ जड़ से उखड़ गया। यह भारी-भरकम पेड़ सीधे मंदिर की बाउंड्री वॉल पर जा गिरा, जिसके ज़बरदस्त दबाव से पूरी की पूरी दीवार धराशायी हो गई। इस हादसे के बाद सरिया, सीमेंट के पिलर और ईंटें चारों ओर बिखर गईं।

गनीमत रही कि जिस समय यह पेड़ गिरा, उस समय मंदिर परिसर में कोई श्रद्धालु या स्थानीय व्यक्ति मौजूद नहीं था। यदि उस समय कोई वहां होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ गिरने से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी बाधित हुई है और बिजली के तार खिंचकर टूट गए हैं। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि यह पेड़ कई वर्षों से खेत में खड़ा था, लेकिन रविवार की तेज आंधी इसे सह नहीं पाई और मंदिर की ओर गिर गया।

पेड़ गिरने से दीवार ढही

रविवार देर शाम को हुई इस अप्रत्याशित घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया। इसी क्रम में, मंदिर परिसर के निकट एक विशाल बरगद का पेड़, जो वर्षों से खेत में खड़ा था, अपनी जड़ों को संभाल नहीं सका। हवा का अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण पेड़ पूरी तरह से उखड़ गया और अपने पूरे भार के साथ मंदिर की बाउंड्री वॉल पर आ गिरा। इस जोरदार टक्कर से कंक्रीट और ईंटों से बनी मजबूत दीवार भी कई हिस्सों में टूटकर बिखर गई, जिससे भारी मलबा फैल गया।

हादसे के तुरंत बाद, मंदिर परिसर के चारों ओर मलबा फैलने से आवागमन बाधित हो गया। ईंटें, सरिये और कंक्रीट के टुकड़े हर तरफ बिखर गए थे। साथ ही, पेड़ गिरने के कारण बिजली के खंभे भी प्रभावित हुए और उनसे जुड़े तार खिंचकर टूट गए, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष ने बताया कि यह पेड़ काफी पुराना था और नियमित रूप से इसकी देखरेख भी की जाती थी, लेकिन आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यह अपनी जगह पर टिक नहीं सका।

सुरक्षा पर चिंता और तत्काल पुनर्निर्माण की मांग

बाउंड्री वॉल गिरने से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब मंदिर का मुख्य परिसर खुला हो गया है, जिससे वहां की व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन और मंदिर समिति से तत्काल सहायता की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि सबसे पहले इस बड़े पेड़ को हटाकर रास्ता साफ किया जाए और उसके बाद ही बाउंड्री वॉल के पुनर्निर्माण का काम शुरू किया जाए।

श्रद्धालुओं का कहना है कि यह मंदिर आस्था का केंद्र है और इसकी सुरक्षा सर्वोपरि है। वे प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत करवाई जाए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि वे लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और नुकसान का जायजा ले रहे हैं। फिलहाल, मंदिर समिति इस नुकसान का जायजा ले रही है और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा कर रही है। सुरक्षा के मद्देनज़र, परिसर के आसपास आवाजाही को लेकर स्थानीय लोग सतर्कता बरत रहे हैं।

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