गुना: आबकारी विभाग की कार्रवाई, 56 हजार की अवैध मदिरा जब्त
गुना जिले में आबकारी विभाग ने अवैध मदिरा निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया है। बीनागंज और खेजड़ा कलां गांवों में छापेमारी कर 18...

गुना / बीनागंज | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | 8 सितंबर 2026
गुना जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, विक्रय और परिवहन के विरुद्ध आबकारी विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के विशेष निर्देशों के बाद, ग्वालियर संभाग के उपायुक्त संदीप शर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस सघन अभियान का मुख्य उद्देश्य जहरीली शराब से होने वाले खतरों को रोकना है। जिला आबकारी अधिकारी गुरुप्रसाद केवट की सीधी निगरानी में विभाग ने चांचौड़ा वृत्त के अंतर्गत आने वाले संवेदनशील इलाकों में छापामार कार्रवाई की है।
आबकारी वृत्त चांचौड़ा के प्रभारी एल.आर. करोसिया के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्राम खेजड़ा कलां और बीनागंज बायपास क्षेत्र में विशेष तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की संबंधित धाराओं के तहत कुल दो प्रकरण दर्ज किए गए। विभाग ने मौके से 18 लीटर हाथभट्टी मदिरा और 350 किलोग्राम गुड़ लाहन बरामद किया। भारी मात्रा में बरामद गुड़ लाहन को सैंपल लेने के उपरांत तत्काल मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। जब्त की गई अवैध मदिरा और अन्य सामग्री का कुल बाजार मूल्य लगभग 56 हजार रुपये आंका गया है। इस बड़ी कार्रवाई के तहत एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
अन्य शराब दुकानों का निरीक्षण और ढाबों की जांच
प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई में आबकारी विभाग के मुख्य आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, आरक्षक दिनेश कुमार राठौर तथा महिला आरक्षक जेम्मा एक्का और टीना वर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने न केवल अवैध मदिरा की बरामदगी की, बल्कि क्षेत्र की विभिन्न शराब दुकानों का औचक निरीक्षण भी किया। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की संभावित अवैध गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से आसपास के होटलों और ढाबों की भी सघन जांच पड़ताल की गई।
विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में जहरीली शराब की किसी भी घटना को रोकने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार की ताबड़तोड़ और सिलसिलेवार कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय निवासियों को भी अवैध मदिरा के सेवन से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है, साथ ही उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग की यह निरंतर निगरानी अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मचा रही है और कानून के अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
