गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला जारी, गुरु पूर्णिमा पर होगी मुख्य भीड़
गोवर्धन में 23 से 30 जुलाई तक चल रहा मुड़िया पूर्णिमा मेला। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ेगी भारी भीड़, प्रशासन ने कसी सुरक्षा व्यवस्था।

द क्लिफ न्यूज़ | गोवर्धन | 24 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित गोवर्धन में इस वर्ष का मुड़िया पूर्णिमा मेला 23 जुलाई से शुरू हो चुका है और 30 जुलाई तक चलेगा। वर्तमान में यह विशाल धार्मिक आयोजन जारी है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। मेले का मुख्य आकर्षण गुरु पूर्णिमा का पर्व है, जो 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से भीड़ उमड़ने की संभावना है।
मुड़िया पूर्णिमा मेला, गोवर्धन पहाड़ी की 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा के रूप में मनाया जाता है। यह मेला श्री सनातन गोस्वामी की स्मृति से भी जुड़ा है, जो इस परिक्रमा को अत्यंत पवित्र मानते थे। श्रद्धालुओं के लिए यह परिक्रमा श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, और वे बड़ी संख्या में इस अवसर पर पवित्र जल से स्नान और दान-पुण्य करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस पवित्र यात्रा को करते हैं।
मेले के लिए सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम
गुरुवार, 24 जुलाई 2026 को मेले के जारी रहने के दौरान, प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्थाओं को कड़ा कर दिया है। संभावित अराजकता और दुर्घटनाओं से बचने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग तक पहुंचने और वहां से वापस लौटने में सुविधा हो।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है, और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने मेलार्थियों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि यह धार्मिक आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।
इस वर्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह अस्थायी कैंप लगाए गए हैं, जहाँ प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जलपान और विश्राम की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि लंबी परिक्रमा के दौरान भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन का प्रयास है कि यह मेला सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो।
