गोण्डा: मदनापुर चौराहे पर गोलीबारी, भोलू सिंह हत्याकांड के आरोपी का नाम आया
गोण्डा के मदनापुर चौराहे पर गोलीबारी में भोला पांडेय घायल। पुलिस ने भोलू सिंह हत्याकांड के आरोपी अभिषेक राणा सहित तीन के खिलाफ मामला दर्ज...

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 12 अक्टूबर 2026
गोण्डा जिले के छपिया थाना क्षेत्र में रविवार की भोर में मदनापुर चौराहे पर हुई गोलीबारी की घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है। मसकनवां-गौराचौकी मार्ग पर स्थित इस तिराहे पर उस वक्त अफरातफरी मच गई जब कई वाहनों में सवार हमलावरों ने 33 वर्षीय भोला पांडेय पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस हमले में भोला पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय वे अपने भांजे सूरज मिश्रा और शिवम पांडेय के साथ गोंडा जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे।
घायल भोला पांडेय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां पुलिस सुरक्षा में उनकी स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इस घटना ने क्षेत्रवासियों में पुरानी दहशत को फिर से जीवित कर दिया है। पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें अभिषेक राणा, विवेक मोदनवाल और शशांक पांडेय शामिल हैं। हमलावरों ने स्कॉर्पियो और स्विफ्ट डिजायर जैसी कई गाड़ियों में आकर गोलीबारी को अंजाम दिया।
भोलू सिंह हत्याकांड का कनेक्शन और पुलिसिया कार्रवाई
पुलिस के लिए इस हमले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि नामजद आरोपी अभिषेक राणा का नाम 26 जून 2022 को हुए चर्चित भोलू सिंह हत्याकांड में एक कथित शूटर के रूप में सामने आया था। इस ताजा वारदात में उसका नाम एक बार फिर जुड़ने से पुलिस के समक्ष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और इस हमले के पीछे के वास्तविक मकसद का पता लगाने की बड़ी चुनौती है। सूत्रों के अनुसार, भोलू सिंह हत्याकांड में अभिषेक राणा की भूमिका पुलिस विवेचना का हिस्सा रही है, और इस नई घटना से पुराने मामले के तार जुड़ने की आशंका बलवती हो गई है।
सीओ मनकापुर उदित नारायण पालीवाल ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए बताया कि इस घटना के मद्देनजर पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं। थाना प्रभारी उमेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रहा है ताकि सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जा सके। हमलावरों की तलाश जारी है और पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिशों और आपराधिक पृष्ठभूमि की भी पड़ताल शामिल है। पुलिस का मानना है कि इस गोलीबारी के पीछे सुनियोजित साजिश हो सकती है।
मनकापुर एनसीसी शिविर में सैन्य अनुशासन का अनुभव
इसी बीच, जनपद के मनकापुर क्षेत्र स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय, सिसई मनकापुर में आयोजित दस दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर में एक भिन्न प्रकार का उत्साह देखने को मिला। कर्नल सुनील कपूर के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और एनसीसी अधिकारियों ने वहां के सैन्य अनुशासन और कैडेटों के जोश की मुक्त कंठ से सराहना की। कैंप कमांडेंट कर्नल सुनील कपूर के आमंत्रण पर पहुंचे अतिथियों का स्वागत मेजर राजाराम ने किया।
निरीक्षण के दौरान, प्रधानाचार्यों ने सेना के स्टोर, भोजन व्यवस्था, क्वार्टर गार्ड और प्रशिक्षण कक्षाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने कैडेटों को विभिन्न सैन्य अभ्यासों में भाग लेते देखा, जिससे उनमें राष्ट्र सेवा और नेतृत्व क्षमता का विकास हो रहा है। शिविर में कैडेटों को कठिन शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रधानाचार्यों ने लिया फायरिंग का अनुभव
शिविर का एक विशेष आकर्षण फायरिंग अभ्यास था, जिसमें प्रधानाचार्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने स्वयं राइफल चलाने का अनुभव प्राप्त किया, जिसे उन्होंने काफी रोमांचक बताया। यह अनुभव उन्हें कैडेटों द्वारा झेली जाने वाली चुनौतियों को समझने में मदद करता है। माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राधा मोहन पांडेय, मंत्री बृजेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह और उपाध्यक्ष मेजर डॉ. राजेश द्विवेदी ने शिविर के दौरान कैडेटों के साथ संवाद किया और उनके अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कैडेटों से उनके प्रशिक्षण, भविष्य की योजनाओं और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण के बारे में पूछा।
कर्नल सुनील कपूर ने एक प्रोजेक्टर के माध्यम से शिविर की तैयारियों और दैनिक दिनचर्या की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तमाम विषम चुनौतियों के बावजूद यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक जारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को प्रबल करते हैं। प्रधानाचार्य परिषद के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने शिविर की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में ऐसा अनुशासित प्रशिक्षण शिविर पहली बार देखा है। यह उनके लिए एक प्रेरणादायक अनुभव रहा।
प्रधानाचार्य शिवानंद नंदू ने इस अनुभव को वास्तविक सैनिक अभ्यास के समान बताया, वहीं मेजर डॉ. राजेश द्विवेदी ने अपने छात्रों को सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते देख गर्व की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करते हैं और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं।
इस अवसर पर कैप्टन एन.के. मिश्रा, लेफ्टिनेंट हरेंद्र, लेफ्टिनेंट हरीनाथ, लेफ्टिनेंट संजय शुक्ला, लेफ्टिनेंट भूपेंद्र सिंह, मेजर राम नगीना और अखिलेश श्रीवास्तव सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। शिविर का उद्देश्य कैडेटों में न केवल सैन्य अनुशासन, बल्कि आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना का विकास करना है। यह प्रशिक्षण शिविर उनके भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय अनुभव साबित हो रहा है। प्रशासन का सहयोग और सैन्य अधिकारियों का कुशल मार्गदर्शन इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। गोण्डा में जहां एक ओर आपराधिक वारदातों ने चिंता बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और देश भक्ति की भावना का संचार कर रहे हैं, जो एक संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
