गोहद पटवारी निलंबित: भूमि अभिलेखों में हेराफेरी का आरोप
भिंड: अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद ने तत्कालीन पटवारी संदीप जैन को भूमि अभिलेखों में हेरफेर और पदीय कर्तव्यों के दुरुपयोग के आरोप में निलंबित कर दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | 17 अगस्त 2026
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गोहद, विकास कैमोर ने तत्कालीन पटवारी संदीप जैन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पदीय कर्तव्यों के दुरुपयोग और भूमि संबंधी अभिलेखों में हेरफेर करने के गंभीर आरोपों के चलते की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संतोबाई बेवा बलराम और माताप्रसाद आदि निवासी ग्वालियर ने आयुक्त चंबल संभाग मुरैना को एक शिकायती आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। शिकायत में कहा गया था कि गोहद के कस्बा स्थित भूमि सर्वे नंबर 3704, 3705, 3706, 3707, 3708, 3752/1, 3753, जिसका कुल रकबा 8.819 हेक्टेयर है, में आवेदक बलराम पुत्र रतीराम का हिस्सा 0.401 हेक्टेयर है। शिकायतकर्ता भूमि के भूस्वामी और आधिपत्यधारी हैं, और वर्ष 2020-21 से 2023-24 तक उनका नाम भूमिस्वामी के रूप में दर्ज था।
भूमि अभिलेखों में विसंगति की शिकायत
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्ष 2024-25 में, भूमि सर्वे नंबर 3704 के 1.0030 हेक्टेयर रकबे के 4010/88190 हिस्से पर, बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के, रामकुमार पुत्र पंजाब सिंह गुर्जर गोहद का नाम दर्ज कर दिया गया। यह गंभीर विसंगति पाई गई, जिसके बाद तत्कालीन पटवारी संदीप जैन पर कार्रवाई की गई।
एसडीएम कैमोर ने बताया कि उक्त शिकायत के संबंध में संदीप जैन, जो उस समय कस्बा गोहद के पटवारी थे, को 21 नवंबर 2025 को एक कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। निर्धारित समय-सीमा में पटवारी द्वारा इसका जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद, 15 जुलाई 2026 को एक पुनः स्मरण पत्र भेजा गया, जिसका जवाब 30 जुलाई को प्राप्त हुआ। हालांकि, पटवारी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं पाया गया।
निलंबन और मुख्यालय आदेश
एसडीएम कैमोर के अनुसार, तत्कालीन पटवारी संदीप जैन द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों का दुरुपयोग स्पष्ट प्रतीत होता है और भूमि संबंधी अभिलेखों में हेरफेर एक गंभीर लापरवाही का सूचक है। मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, संदीप जैन, जो अब ग्राम छीमका में पटवारी के पद पर कार्यरत हैं, को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान, संदीप जैन का मुख्यालय तहसील कार्यालय मौ निर्धारित किया गया है। उन्हें सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
