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गोडवा में शिक्षकों की बैठक: गतिविधि आधारित शिक्षण और पठन संस्कृति पर जोर

बलरामपुर जिले के गोडवा में हुई न्याय पंचायत स्तरीय संकुल शिक्षक बैठक में शिक्षण विधियों को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। कैच-अप कार्यक्रम और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के तरीकों पर जोर दिया गया।

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गोडवा में शिक्षकों की बैठक: गतिविधि आधारित शिक्षण और पठन संस्कृति पर जोर

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 21 जुलाई 2026

बलरामपुर जिले के गोडवा स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को न्याय पंचायत स्तरीय संकुल शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और पठन संस्कृति को बढ़ावा देना था। डायट प्रवक्ता पवन कुमार वर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिक्षकों को नई शिक्षण विधियों और गतिविधि आधारित गुर सिखाए गए।

बैठक में एआरपी निर्मल कुमार द्विवेदी और प्रवीण कुमार ने विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाग लिया। संकुल शिक्षक गोविंद नारायण तिवारी ने बैठक का संचालन किया, जबकि नोडल संकुल शिक्षक त्रिपुरारी कनौजिया और संकुल शिक्षक बालवीर ने एजेंडे के अनुसार अपने विचार प्रस्तुत किए। इस चर्चा का प्रमुख केंद्र विद्यार्थियों के सीखने के तरीके को रोचक और स्थायी बनाना रहा।

गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रोत्साहन

कंपोजिट विद्यालय जोगिया मध्य नगर के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमित कुमार बालीवान ने इस अवसर पर एक विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने विस्तार से समझाया कि किस प्रकार गतिविधियों के माध्यम से शिक्षण कार्य को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाया जा सकता है। इस प्रकार के शिक्षण से विद्यार्थी न केवल अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं, बल्कि वे ज्ञान को दीर्घकाल तक संजोकर भी रख पाते हैं।

कैच-अप कार्यक्रम और पठन संस्कृति पर निर्देश

बैठक के दौरान 10 प्रमुख शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं के अनुपालन पर भी गहन विचार-विमर्श किया गया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे विद्यार्थियों के वर्तमान शिक्षण स्तर को ध्यान में रखते हुए 'कैच-अप' शिक्षण कार्यक्रम का संचालन करें, ताकि जो विद्यार्थी पिछड़ गए हैं, उन्हें मुख्यधारा में लाया जा सके। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों में पठन संस्कृति को विकसित करने के उपायों पर भी विस्तार से मंथन हुआ। शिक्षकों को ऐसे तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिनसे छात्र-छात्राओं में पढ़ने की आदत विकसित हो और वे ज्ञानार्जन के लिए पुस्तकों का अधिक से अधिक उपयोग करें।

इस शैक्षिक पहल में न्याय पंचायत के सभी 15 विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक में श्याम बाबू पाण्डेय, कमलेश गुप्ता, सीता राम शुक्ला, तबरेज़ अहमद, पवन कुमार और मालती आर्या सहित कई अन्य शिक्षक और शिक्षाविद उपस्थित रहे। इस बैठक से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की नई राहें तलाशने की उम्मीद जगी है।