ग्लोबल हैंड वाशिंग डे पर गुना में स्वच्छता जागरूकता अभियान
गुना में ग्लोबल हैंड वाशिंग डे के अवसर पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर के निर्देशानुसार, स्वास्थ्य संस्थाओं और शिक्षण केंद्रों में हाथ धोने...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 15 अक्टूबर 2026
ग्लोबल हैंड वाशिंग डे के अवसर पर गुना जिले में 'हाथ धुलेंगे साबुन से, तो रोग मिटेंगे जीवन से' जैसे प्रेरक संदेश के साथ एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को बीमारियों से बचाव के लिए नियमित हाथ धुलाई की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित करना था।
इस अभियान के तहत, जिले की विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं और शिक्षण केंद्रों में स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा हाथ धोने के सही तरीकों का प्रदर्शन किया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि हाथों की स्वच्छता कई गंभीर संक्रमणों से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। नागरिकों को विशेष रूप से भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
हाथ धोने के चरणों का प्रशिक्षण
स्वास्थ्य केंद्र पगारा में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को साबुन से हाथ धोने के सभी आवश्यक चरणों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में इस बात पर जोर दिया गया कि केवल पानी से हाथ गीला करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हथेलियों, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास भी साबुन से अच्छी तरह सफाई करना अनिवार्य है।
जलजनित बीमारियों से बचाव पर जोर
आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमोदा में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर आरजू धाकड़ ने उपस्थित लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाव की जानकारी साझा की। उन्होंने लोगों को स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नियमित और सही तरीके से हाथ धोने से कई बीमारियों को पनपने से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के निवासियों से अपील की है कि हाथ धुलाई को केवल एक दिन की गतिविधि न मानकर इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का एक स्थायी हिस्सा बनाएं। इस अभियान के माध्यम से बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता की अच्छी आदतें डालने का प्रयास किया गया है, ताकि एक स्वस्थ समुदाय का निर्माण सुनिश्चित हो सके।
