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घटावदा पेशाब कांड: प्राचार्य निलंबित, ग्रामीणों के विरोध का असर

गुना के शासकीय हाईस्कूल घटावदा में पानी की बोतलों में पेशाब मिलाए जाने के मामले में प्राचार्य को हटाया गया। ग्रामीणों के विरोध व जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई।

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संवाददाता: राजा हतम वेग
घटावदा पेशाब कांड: प्राचार्य निलंबित, ग्रामीणों के विरोध का असर

संवाददाता: राजा हतम वेग

द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 2 सितंबर 2026

गुना जिले के आरोन विकासखंड स्थित शासकीय हाईस्कूल घटावदा में सामने आए शर्मनाक पेशाब कांड के बाद शिक्षा विभाग ने आखिरकार प्राचार्य मूलचंद कौशिक को तत्काल प्रभाव से स्कूल के प्राचार्य पद के प्रभार से हटा दिया है। यह कार्रवाई 17 अगस्त को कक्षा सातवीं के एक छात्र द्वारा अन्य विद्यार्थियों की पानी की बोतलों में पेशाब मिलाने की घटना की पुष्टि होने और ग्रामीणों के लगातार विरोध के बाद की गई है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 31 अगस्त को जारी किए गए आदेश के अनुसार, जांच में घटना की सत्यता पाए जाने के बाद प्राचार्य कौशिक को शासकीय हाईस्कूल टकनेरा, विकासखंड गुना में नए आदेश तक प्राचार्य के पद पर कार्य करने के लिए स्थानांतरित किया गया है। इस फैसले से पहले, स्कूल में हुई इस गंभीर घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश था। उनका आरोप था कि स्कूल प्रबंधन ने मामले की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और प्राचार्य के रवैये ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

जांच और ग्रामीणों का दबाव

मामला तब सामने आया जब कुछ विद्यार्थियों ने अपनी पानी की बोतलों में कुछ गड़बड़ी देखी। इसके बाद, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, आरोन को मामले की जांच सौंपी गई। जांच रिपोर्ट में पेशाब मिलाए जाने की घटना की पुष्टि हुई। इसके बाद, प्राचार्य मूलचंद कौशिक को एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।

ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें स्कूल से हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्कूल पहुंचकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मामला गंभीर होता देख, तहसीलदार, बीईओ और अन्य अधिकारियों ने गांव पहुंचकर पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और संबंधित विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए थे।

छात्र हित में लिया गया निर्णय

शिक्षा विभाग का यह निर्णय छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। जांच रिपोर्ट में घटना की पुष्टि होने और ग्रामीणों के लगातार विरोध को देखते हुए, विभाग ने यह कदम उठाया है। इस कार्रवाई के संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल, कलेक्टर गुना, जिला पंचायत सीईओ, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण ग्वालियर और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।

इस कार्रवाई के बाद, अब ग्रामीण इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि शिक्षा विभाग इस घटना में जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाते हैं।