BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

गौरी सरोवर की गंदगी पर सीएमओ ने खुद संभाली सफाई की कमान

भिंड के गौरी सरोवर पर पितृपक्ष के दौरान गंदगी देखकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने स्वयं सफाई अभियान चलाया। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों...

Few mins ago
4 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
गौरी सरोवर की गंदगी पर सीएमओ ने खुद संभाली सफाई की कमान

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 11 अक्टूबर 2026

भिंड शहर के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के गौरी सरोवर पर पितृपक्ष के दौरान एक असाधारण दृश्य देखने को मिला, जिसने प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति आम जनता की धारणा को नई दिशा दी। मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र चक्रवर्ती ने सरोवर के घाटों पर व्याप्त गंदगी को देखकर स्वयं अपने परिवार के साथ मिलकर सफाई कार्य में हिस्सा लिया। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि शहरवासियों के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश बनी।

पितृपक्ष के अवसर पर, गौरी सरोवर पर अपने पितरों के निमित्त दीपदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। पूजा-अर्चना के दौरान लाई गई पूजन सामग्री, पॉलिथीन के लिफाफे, खाली दोने-पत्तल और अन्य तरह का कचरा घाटों पर चारों ओर फैला हुआ था। इस अव्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनमें असंतोष भी व्याप्त था।

पितृपक्ष के अवसर पर जताई चिंता

धार्मिक आयोजन के दौरान सरोवर पर मौजूद मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने जब श्रद्धालुओं की कठिनाई और घाटों की दयनीय स्थिति को देखा, तो वे तुरंत हरकत में आए। उन्होंने स्वयं स्थानीय लोगों से घाटों की सफाई न होने की शिकायत सुनी। सीएमओ ने महसूस किया कि ऐसे पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं को गंदगी का सामना करना पड़े, यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी देखा कि कचरे के कारण दीपदान करने वाले श्रद्धालुओं को भी असुविधा हो रही थी, जिससे धार्मिक अनुष्ठान की गरिमा प्रभावित हो रही थी।

अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को एक तरफ रखते हुए, उन्होंने एक नागरिक के तौर पर अपनी भूमिका निभाने का निश्चय किया। बिना किसी हिचकिचाहट के, सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर घाट पर बिखरे कचरे और पॉलिथीन को उठाना और उसे इकट्ठा करना शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित कदम ने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया।

सफाई में जुटे अधिकारी, प्रेरित हुए नागरिक

सरोवर के घाटों पर बिखरी पॉलिथीन, खाली पैकेट और अन्य अपशिष्ट सामग्री को अधिकारी द्वारा अपने हाथों से समेटते हुए देखना वहां उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए एक आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक क्षण था। शहर का सर्वोच्च अधिकारी, जो सामान्यतः फाइलों और बैठकों में व्यस्त रहता है, उसे व्यक्तिगत रूप से सफाई जैसे कार्य में जुटे देखकर लोगों को अपनी आदतों पर विचार करने का मौका मिला। इस स्वैच्छिक पहल ने आसपास मौजूद अन्य लोगों को भी स्वच्छता अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। देखते ही देखते, अधिकारी और कुछ उत्साही नागरिकों ने मिलकर कचरे के ढेर को साफ कर दिया, जिससे पूरा परिसर स्वच्छ और व्यवस्थित दिखने लगा।

इस सामूहिक प्रयास के परिणामस्वरूप, जो कुछ ही देर पहले गंदगी से पटा पड़ा था, वह पुनः पवित्र और सुगम हो गया। श्रद्धालुओं को अब बिना किसी बाधा के अपने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने में आसानी हुई। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि जब नेतृत्व स्वयं आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव व्यापक होता है।

सामूहिक स्वच्छता का दिया संदेश

इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र चक्रवर्ती ने कहा कि स्वच्छता केवल नगरपालिका कर्मचारियों का ही कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है। सीएमओ ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजन सामग्री के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे को इधर-उधर न फेंके, बल्कि उसे निर्धारित कूड़ेदानों में डालें, ताकि गौरी मैया का यह पवित्र स्थल सदैव स्वच्छ और गरिमापूर्ण बना रहे।

अधिकारी के इस समर्पण और निस्वार्थ भाव से किए गए कार्य की स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से सराहना की जा रही है। इसे स्वच्छता के प्रति एक गंभीर संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो दर्शाता है कि नेतृत्व स्वयं पहल करके दूसरों को प्रेरित कर सकता है। इस तरह के प्रयास न केवल सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि नागरिकों के मन में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हैं। यह एक स्थायी परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहाँ नागरिक भी अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उम्मीद है कि भविष्य में भी ऐसे प्रयासों से सार्वजनिक स्थलों की गरिमा और पवित्रता बनी रहेगी, और लोग भी अधिकारी के इस कार्य से सीख लेकर आगे आएंगे।

संबंधित समाचार