गंजबासौदा मंडी का आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश
मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आयुक्त श्री कुमार पुरुषोत्तम ने गंजबासौदा मंडी का औचक निरीक्षण कर ई-मंडी, स्वच्छता, प्रवेश-निकास और अधोसंरचना विकास के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | गंजबासौदा | 21 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आयुक्त एवं प्रबंध संचालक, श्री कुमार पुरुषोत्तम, ने शुक्रवार को विदिशा जिले की गंजबासौदा कृषि उपज मंडी समिति का अप्रत्याशित दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मंडी की विभिन्न व्यवस्थाओं का सघन मूल्यांकन करना और किसानों एवं व्यापारियों के सीधे संपर्क में आकर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा सुझावों को समझना था। आयुक्त ने अधिकारियों को किसान-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाते हुए मंडी की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान, श्री पुरुषोत्तम ने मंडी में लागू की जा रही ई-मंडी और ई-नाम (इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट) प्रणालियों की कार्यक्षमता का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने ई-नाम लैब का जायजा लिया, जहाँ उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को उनकी कृषि उपज के बेहतर विपणन के लिए ऑनलाइन माध्यमों से प्रभावी सुविधाएँ मिल रही हैं या नहीं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कृषक विश्राम गृह, कैंटीन सेवाओं, पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता, मंडी परिसर की समग्र स्वच्छता और किसानों तथा व्यापारियों तक आवश्यक सूचनाओं के प्रभावी प्रसार की व्यवस्थाओं का भी गहनता से परीक्षण किया।
कृषि उपज की गुणवत्ता के लिए अधोसंरचना विकास पर बल
आयुक्त ने मंडी परिसर में स्थित नीलामी शेड, कंक्रीट की सड़कों (सीसी रोड) और इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटों की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन ग्रेडिंग एवं क्लीनिंग प्लांट के स्थल का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति और समय-सीमा के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। श्री पुरुषोत्तम ने इस बात पर जोर दिया कि कृषि उपज की गुणवत्ता के अनुरूप किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक अधोसंरचना का समय पर विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सुगम आवागमन हेतु अतिरिक्त प्रवेश-निकास मार्ग की आवश्यकता
मंडी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान, आयुक्त ने वहां स्थापित डी.आई.वी. (डिजिटल इंटरैक्टिव विजन) प्रणाली, किसान हेल्प डेस्क तथा विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने किसानों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण की प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर बल दिया। मंडी परिसर में आवागमन को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए अतिरिक्त प्रवेश एवं निकास मार्गों को विकसित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि निर्माणाधीन संरचनाओं के साथ-साथ मंडी परिसर का शीघ्रता से विस्तार किया जाए, ताकि भविष्य में जब मंडी में कृषि उपज की आवक में वृद्धि हो, तो किसानों और व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। आयुक्त ने अधिकारियों को मंडी की वर्तमान परिचालन आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की संभावित जरूरतों का आकलन करते हुए सुनियोजित व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
कर्मचारी अनुशासन और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान, आयुक्त श्री कुमार पुरुषोत्तम ने मंडी में कार्यरत कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों की उपस्थिति, उनकी कार्य व्यवस्था और निर्धारित ड्रेस कोड का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मंडी की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित सरकारी और विभागीय मानकों के अनुरूप संचालित हों। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर ध्यान आकर्षित किया कि किसानों को अपनी कृषि उपज के विक्रय के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी या कठिनाई का अनुभव न हो।
श्री कुमार पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड का सर्वोपरि उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के विक्रय के लिए एक सुव्यवस्थित, पूर्णतः पारदर्शी और किसान-हितैषी वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने और मंडी की समग्र व्यवस्थाओं में आवश्यक तथा प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान, संयुक्त संचालक श्रीमती सविता झानिया (भाप्रसे), अधीक्षण यंत्री श्री मधुकर पवार, कार्यपालन यंत्री श्री एस.सी. गोयल, सहायक यंत्री श्री आनंद योगी, उपयंत्री श्री कपिल सहारे, तहसीलदार श्री रतीराम अहिरवार, मंडी सचिव श्री सोहन लाल सहित मंडी समिति का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
