गंगा का जलस्तर बढ़ा, चित्रकूट डिप पर तीन फीट पानी, बदायूं-फर्रुखाबाद मार्ग बंद
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद के अमृतपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। चित्रकूट डिप पर तीन फीट पानी भरने से बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे पर यातायात रोका गया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 4 अगस्त 2026
गंगा नदी में बढ़ते जलस्तर के कारण फर्रुखाबाद जिले का अमृतपुर तहसील क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस तहसील के दर्जनों गांव बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के पानी ने हमीरपुर, बरुआ, इमादपुर सोमवंशी, बुड़िया भेड़ा, आशा की मढ़ैया, पूर्वी और पश्चिमी गोटिया, चित्रकूट, अमरपुर तथा खानपुर जैसे कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है।
चित्रकूट गांव की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहाँ घरों में पानी भर जाने के कारण एक दर्जन से अधिक परिवार विस्थापित होकर बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे के किनारे प्लास्टिक की पन्नियों का सहारा लेकर रहने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी खड़ी फसलें भी पानी में डूब गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पशुओं के लिए चारे की गंभीर समस्या भी उत्पन्न हो गई है।
आपदा प्रबंधन और राहत कार्य
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत संज्ञान में लिया। उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह, थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह और राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित चित्रकूट गांव का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए समझाया। प्रशासन द्वारा रामनिवास स्कूल और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहाँ विस्थापित परिवारों को आश्रय दिया जा रहा है।
यातायात बाधित, स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय
चित्रकूट डिप पर लगभग तीन फीट पानी जमा हो जाने के कारण बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे को दोनों तरफ से आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। राजेपुर चौराहे और जमापुर चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर यातायात को रोक दिया गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने सबलपुर गांव के निकट एक अस्थायी चिकित्सा शिविर स्थापित किया है, जहाँ बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि वह स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
