गंगा का जलस्तर 8 घंटे में 5 सेमी घटा, प्रशासन अलर्ट
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर पिछले 8 घंटों में 5 सेंटीमीटर कम हुआ है, वहीं जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए कमर कस ली है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 6 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले आठ घंटों के दौरान 5 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिली है। सुबह 8 बजे जहां नदी का जल स्तर 136.85 मीटर था, वहीं शाम 4 बजे यह 136.80 मीटर पर आ गया। हालांकि, खतरे का निशान पांचाल घाट लोहिया सेतु पर 137.10 मीटर पर बना हुआ है। नरौरा बांध से 99297 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद जलस्तर में आई यह कमी प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन है।
इस बीच, जिलाधिकारियों डॉ. अंकुर लाठर ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष और राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध संचार सुविधाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
बाढ़ नियंत्रण उपायों पर जिलाधिकारी के निर्देश
जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि बाढ़ से संबंधित प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए और नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी सूचनाओं को नियमित रूप से संकलित किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि यदि किसी बाढ़ पीड़ित का फोन आता है, तो संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल व उप जिलाधिकारी से तत्काल संपर्क स्थापित कर प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जाए।
स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक तीन दिनों के अंतराल पर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, बेसिक शिक्षा विभाग को प्रभावित गांवों में बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि शिक्षा में कोई व्यवधान न पड़े।
राजस्व अभिलेखागार के रखरखाव की समीक्षा
जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखागार का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने रिकॉर्ड के संरक्षण, रख-रखाव और डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभिलेखागार में साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित रूप से कीटनाशकों का छिड़काव कराने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया। डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि राजस्व अभिलेख शासन और आम नागरिकों दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए इनके रख-रखाव में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिलेखागार की अतिरिक्त सुरक्षा के लिए दो होमगार्ड्स की तैनाती के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, नायब नाजिर महेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
