आप से भाजपा में आए सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब पुलिस ने दर्ज की FIR, राजनीतिक तूफान
पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज कीं, जिसके बाद राजनीतिक घमासान मच गया।

मुख्य बातें
- क्या हुआ: पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ आप से भाजपा में शामिल होने के बाद गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज कीं।
- महत्व क्यों: समय को लेकर पंजाब में सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक विद्वेष की आशंका जताई जा रही है।
- लोगों के लिए क्या बदलेगा: इससे राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है और राज्य में निष्पक्ष शासन की धारणा पर असर पड़ सकता है।
- कौन प्रभावित: संदीप पाठक, भाजपा, आप और पंजाब का राजनीतिक माहौल सीधे तौर पर प्रभावित है।
पाठक के खिलाफ एफआईआर: राजनीतिक विद्वेष?
पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो एफआईआर दर्ज की हैं। यह कार्रवाई पाठक के आम आदमी पार्टी (आप) से भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद हुई है। इस कदम ने एक राजनीतिक बवंडर खड़ा कर दिया है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल, आप सरकार पर "राजनीतिक विद्वेष" का आरोप लगा रहे हैं।
भाजपा ने लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने आप सरकार की निंदा की। उन्होंने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
"पंजाब में कोई कानून नहीं है; अब, राजनीतिक विद्वेष प्रभावी है। भगवंत मान और केजरीवाल का डर उजागर हो गया... केजरीवाल और भगवंत मान पुलिस का इस्तेमाल एक राजनीतिक हथियार के रूप में कर रहे हैं।"
शर्मा ने आगे कहा कि राज्य एक "पुलिस राज्य" बनता जा रहा है, जहां असहमति को कानूनी कार्रवाई से दबाया जा रहा है।
"भगवंत मान की सरकार धीरे-धीरे पंजाब को एक 'पुलिस राज्य' में बदल रही है - जहां असहमति = मामला और सच्चाई = सजा। भाजपा पंजाब इस दादागिरी और तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करेगी।"
अकाली दल ने भी जताई चिंता
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इसी तरह की चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने आप पर पूर्व सहयोगियों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया।
"हीरो से जीरो... उन लोगों को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया जा रहा है जो आम आदमी पार्टी से बाहर हो जाते हैं। संदीप पाठक कभी भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के भरोसेमंद सहयोगी थे, एक प्रमुख शक्ति केंद्र... वफादारी बदलने के बाद, गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर संभावित विद्वेष की राजनीति की ओर इशारा करती हैं।"
सुधांशु त्रिवेदी की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पंजाब पुलिस की आलोचना की। उन्होंने राज्य की मौजूदा कानून और व्यवस्था के मुद्दों की ओर इशारा किया।
"आज, पंजाब पुलिस ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के आवास पर छापा मारने की कोशिश की। हम पंजाब से यह सवाल पूछना चाहते हैं: एक ऐसा राज्य जहां कानून और व्यवस्था की स्थिति इतनी दयनीय है... फिर भी, इसे नियंत्रण में लाने के बजाय, पंजाब पुलिस ने आज इस तरह से पाठक के आवास पर छापा मारने का फैसला किया।"
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब के नशे में होने के आरोपों का भी उल्लेख किया।
आगे क्या देखना है
संदीप पाठक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही पर किसी भी तरह के पूर्वाग्रह या राजनीतिक हस्तक्षेप के संकेतों के लिए बारीकी से नजर रखी जाएगी। इस स्थिति के सामने आने पर भाजपा और आप दोनों से आगे के बयानों और कार्यों की उम्मीद है।
