जर्मन क्लब FC इंगलस्टाट के CEO डाइटमर बायर्सडॉर्फर “मिनी ब्राज़ील” पहुंचे; ग्रामीण प्रतिभाओं को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल तेज
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के बिचरपुर गाँव—जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में “मिनी ब्राज़ील” की उपाधि दी थी—में शनिवार को जर्मन फुटबॉल क्लब FC...
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के बिचरपुर गाँव—जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में “मिनी ब्राज़ील” की उपाधि दी थी—में शनिवार को जर्मन फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के CEO डाइटमर बायर्सडॉर्फर पहुंचे। यह दौरा उन युवा फुटबॉलर्स से मुलाकात के लिए था, जिन्होंने पिछले साल क्लब के जर्मनी स्थित प्रशिक्षण केंद्र में विशेष ट्रेनिंग ली थी। उनके साथ क्लब के टेक्निकल कोच मैनुअल शेफ़र भी मौजूद रहे।
जर्मनी में ट्रेनिंग पाने वाले खिलाड़ी
4 से 12 अक्टूबर 2023 के बीच छह सदस्यीय दल—
-
सानिया कुंडे
-
सुहानी कोल
-
प्रीतम कुमार
-
विरेंद्र बैगा
-
मनीष घरसिया
-
कोच लक्ष्मी साहिस
ने म्यूनिख स्थित FC Ingolstadt के स्पोर्ट्स सेंटर में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्हें स्किल डेवलपमेंट, फिटनेस कंडीशनिंग, मैच टैक्टिक्स और यूरोपीय खेल शैली के मूल सिद्धांतों पर प्रशिक्षित किया गया।
क्लब के अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण भारत में उभर रही प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोज़र देना है।
शहडोल में प्रगति का आकलन और नई रणनीति पर चर्चा
बायर्सडॉर्फर और शेफ़र सोमवार को शहडोल में खिलाड़ियों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसमें विशेष रूप से तीन क्षेत्रों पर जोर रहेगा—
-
टीमवर्क और मैदान में सामंजस्य
-
पोज़िशनल अवेयरनेस
-
यूरोपीय फुटबॉल की अनुशासित शैली
अधिकारियों का मानना है कि यदि इन युवा खिलाड़ियों को सही दिशा और संरचित प्रशिक्षण मिलता रहा, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
‘मिनी ब्राज़ील’ की बढ़ती पहचान
प्रधानमंत्री द्वारा 2023 के ‘मन की बात’ में बिचरपुर को “मिनी ब्राज़ील” कहे जाने के बाद यह गाँव अचानक फुटबॉल मानचित्र पर उभर आया। यहाँ के बच्चे और किशोर लंबे समय से फुटबॉल खेलते आए हैं, और उनकी सामूहिक ऊर्जा व प्रतिभा ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का ध्यान आकर्षित किया है।
FC Ingolstadt की सहभागिता न केवल इन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है, बल्कि यह ग्रामीण भारत से वैश्विक अवसरों तक पहुँच का एक मॉडल भी स्थापित कर रही है।
भोपाल में अगला सत्र
शहडोल के बाद जर्मन प्रतिनिधिमंडल 25 नवंबर को भोपाल के तात्या टोपे स्टेडियम पहुंचेगा। वहाँ वे अधिक खिलाड़ियों का निरीक्षण करेंगे और राज्य के फुटबॉल विकास कार्यक्रम के तहत मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
राज्य खेल विभाग का कहना है कि इस सहयोग से मध्यप्रदेश में फुटबॉल का ढांचा और मजबूत होगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
-
ग्रामीण खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ना
-
राज्य के फुटबॉल इकोसिस्टम को पेशेवर स्तर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
-
यूरोपीय क्लबों और भारतीय राज्यों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाएँ
-
प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए विदेश में आगे प्रशिक्षण या क्लब ट्रायल्स के नए अवसर
