एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026: पाकिस्तान ने भारत आने से किया इनकार
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 में भाग लेने से इनकार कर दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 16 सितंबर 2026
पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के आयोजन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने भारत में इस प्रतिष्ठित हॉकी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया है। पीएचएफ ने एशियाई हॉकी फेडरेशन (AHF) से अनुरोध किया है कि या तो टूर्नामेंट का आयोजन किसी अन्य देश में किया जाए, या फिर पाकिस्तान के सभी मुकाबले किसी तटस्थ स्थान पर खेले जाएं। फेडरेशन ने इस निर्णय के पीछे सुरक्षा चिंताओं और भारत के साथ मौजूदा द्विपक्षीय तनावपूर्ण संबंधों को कारण बताया है।
पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का यह संस्करण अक्टूबर-नवंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित है। इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष हॉकी टीमें भाग लेंगी। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन का कहना है कि उसकी टीम भारत को छोड़कर अन्य सभी अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए भारत की यात्रा करना उनके खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं है।
सुरक्षा चिंताएं और तटस्थ स्थल की मांग
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने इस संबंध में एशियाई हॉकी फेडरेशन को एक औपचारिक पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पत्र में, पीएचएफ ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि टूर्नामेंट भारत में आयोजित होता है, तो वह इसमें भाग नहीं ले पाएगा। उनकी मुख्य मांग यह है कि या तो पूरे टूर्नामेंट को किसी अन्य सुरक्षित देश में स्थानांतरित किया जाए, या फिर कम से कम पाकिस्तान की टीम से जुड़े सभी मैचों के लिए एक तटस्थ स्थान का चयन किया जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एशियन हॉकी फेडरेशन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर क्या अंतिम निर्णय लेता है।
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल संबंध अक्सर द्विपक्षीय राजनीतिक तनावों से प्रभावित होते रहे हैं। अतीत में भी कई खेल आयोजनों में इसी तरह की समस्याएं देखने को मिली हैं। पाकिस्तान की यह वर्तमान मांग आगामी पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन की योजना के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है, जिससे टूर्नामेंट के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
