एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होगी, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
फर्रुखाबाद: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने एफआरयू में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापना के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आपातकालीन रक्त उपलब्धता सुनिश्चित कर मातृ मृत्यु दर कम करना है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 1 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने सभी फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना और संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन प्रसव के दौरान होने वाले अत्यधिक रक्तस्राव जैसी गंभीर परिस्थितियों में समय पर सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जो मातृ मृत्यु दर को कम करने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगा।
सीएमओ डॉ. उपाध्याय ने समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही गंभीर रूप से ज़रूरतमंद मरीजों और गर्भवती महिलाओं को आपातकालीन रक्त उपलब्ध हो सकेगा। इससे उन्हें अनावश्यक रूप से जिला अस्पताल रेफर करने की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे उपचार की गति बढ़ेगी और समय पर जीवनरक्षक सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल यूनिट स्थापित करने तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वैच्छिक रक्तदान को भी लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा। जनपद में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित कर पर्याप्त मात्रा में रक्त संग्रहित किया जा रहा है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी मरीज को विलंब के बिना सुरक्षित रक्त मुहैया कराया जा सके।
स्वैच्छिक रक्तदान को निरंतर प्रोत्साहन
डॉ. आनंद उपाध्याय ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की है। उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति का रक्तदान किसी की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वर्तमान में, जनपद में समय-समय पर आयोजित होने वाले रक्तदान शिविरों के माध्यम से अधिकाधिक रक्त संग्रहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अतिरिक्त रक्त भंडार का उपयोग आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा, जिससे किसी भी मरीज को जीवन रक्षक उपचार मिलने में देरी न हो। यह पहल सुनिश्चित करेगी कि रक्त की आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध हो, जो दूर स्थित बड़े अस्पतालों पर निर्भरता को कम करेगी।
संचालन में गुणवत्ता और समन्वय पर ज़ोर
सीएमओ ने ब्लड स्टोरेज यूनिट के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक उपकरणों, प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता, प्रभावी कोल्ड चेन व्यवस्था और गुणवत्ता मानकों के पूर्ण अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक और एफआरयू के बीच एक मजबूत समन्वय स्थापित किया जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि रक्त की उपलब्धता और आपूर्ति की प्रक्रिया निर्बाध बनी रहे। इस समन्वय से यह सुनिश्चित होगा कि ज़रूरत के समय सही रक्त सही व्यक्ति तक पहुँच सके। कोल्ड चेन को बनाए रखना रक्त की गुणवत्ता के लिए सर्वोपरि है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि संग्रहित रक्त उपयोग के लिए सुरक्षित रहे। प्रशिक्षित मानव संसाधन यह सुनिश्चित करेगा कि रक्त के प्रबंधन और वितरण की प्रक्रिया पेशेवर तरीके से हो।
जन शिकायतोें का त्वरित निस्तारण, आठ दिनों में गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश
इसी बीच, फर्रुखाबाद में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कुल 138 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से चार मामलों का तत्काल निस्तारण किया गया। हरसिंहपुर गहलवार के 74 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जाने का मामला प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की। इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेते हुए, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए ताकि इस त्रुटि को सुधारा जा सके और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो। इसके अतिरिक्त, गूजरपुर निवासी धर्मशिला ने दबंगों द्वारा परेशान किए जाने की बात कही, जबकि लीलापुर निवासी राम भरोसे ने खेत पर कब्जे का आरोप लगाया। साहरा निवासी नीतू ने आरोप लगाया कि उनकी सास ने दुकान का बैनामा उनके जेठ के नाम कर दिया है। कनकपुर निवासी धनीराम ने दिव्यांग होने के बावजूद भूमि न मिलने की शिकायत दर्ज कराई, वहीं फखरपुर निवासी हरिदत्त ने किसान सम्मान निधि दिलाए जाने की मांग की। कुम्हारौर निवासी राजपाल ने लेखपाल वरुण पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए, जबकि बलीपट्टी निवासी मुकेश ने अतिक्रमण न हटाए जाने की शिकायत की। हरसिंहपुर गहलवार निवासी अशोक ने एक बार फिर मतदाता सूची से नाम काटे जाने के मामले की गहन जांच की मांग की। पट्टी दारा निवासी अहिवरन ने दुष्कर्म के प्रयास की शिकायत दर्ज कराई, जो एक अत्यंत संवेदनशील मामला है।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्राप्त सभी शिकायतों का आगामी आठ दिनों के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह समय-सीमा यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक धरातल पर भी दिखे। विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व विभाग की 55, पुलिस विभाग की 26, विकास विभाग की 22, विद्युत विभाग की छह, खाद्य एवं रसद विभाग की आठ तथा अन्य विभागों की 21 शिकायतें शामिल रहीं। यह विभिन्न विभागों में व्याप्त समस्याओं की व्यापकता को दर्शाता है।
शासन की मंशा के अनुरूप, जनपद में सुरक्षित मातृत्व और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मज़बूत बनाया जा रहा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना और स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रभावी संचालन से फर्रुखाबाद के मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध होगा, जिससे निश्चित रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। यह दोहरा कदम, यानी स्थानीय स्तर पर रक्त की उपलब्धता और रक्तदान को प्रोत्साहन, फर्रुखाबाद को स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में अधिक आत्मनिर्भर और सक्षम बनाएगा, जिससे नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
