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एन के एकेडमी में नौ देवियों की झांकी और रामायण मंचन, भक्तिमय हुआ माहौल

फर्रुखाबाद के एन के एकेडमी में नवरात्रि के अवसर पर नौ देवियों की मनमोहक झांकी सजाई गई, साथ ही रामायण का मंचन कर विद्यार्थियों ने...

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•संवाददाता: संदीप तिवारी
एन के एकेडमी में नौ देवियों की झांकी और रामायण मंचन, भक्तिमय हुआ माहौल

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 17 अक्टूबर 2026

नवरात्रि के पावन अवसर पर फर्रुखाबाद स्थित एन के एकेडमी विद्यालय में एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नौ देवियों के विभिन्न स्वरूपों का मनमोहक चित्रण प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस आयोजन के माध्यम से भारतीय धार्मिक परंपराओं और भक्ति भावना का सुंदर प्रदर्शन देखने को मिला।

विद्यालय परिसर में भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण माहौल में रामायण का मंचन भी किया गया। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादापूर्ण जीवन मूल्यों को मंच पर जीवंत कर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ना था, ताकि वे अपनी जड़ों और संस्कारों को समझ सकें।

नौ देवियों की झांकियों का मनमोहक प्रदर्शन

इस वर्ष एन के एकेडमी ने नवरात्रि के अवसर पर नौ देवियों की स्वरूप झांकियों का विशेष आयोजन किया। मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के रूप में सजीं बालिकाओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रत्येक देवी के स्वरूप का चित्रण उनके पौराणिक महत्व और शक्तियों को दर्शाता हुआ प्रतीत हो रहा था। इन झांकियों के माध्यम से न केवल देवी शक्ति का आह्वान किया गया, बल्कि बालिकाओं को सशक्तिकरण और भारतीय नारी के विभिन्न रूपों से भी जोड़ा गया। अभिभावक और अतिथिगण इन मनमोहक झांकियों को देखकर अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की खूब सराहना की। यह प्रस्तुति सांस्कृतिक और धार्मिक शिक्षा का एक अनूठा उदाहरण थी।

रामायण मंचन से गूंजा विद्यालय प्रांगण

नौ देवियों की झांकियों के पश्चात, विद्यालय के विद्यार्थियों ने रामायण के अंशों का मंचन प्रस्तुत किया। इस मंचन में भगवान श्रीराम के जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों, जैसे कि उनका जन्म, बाल्यकाल, वनवास गमन और रावण वध, को जीवंत किया गया। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों, भाईचारे, कर्तव्यनिष्ठा और धार्मिकता जैसे मूल्यों को प्रभावी ढंग से दर्शाया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय महाकाव्यों की महानता और उनसे मिलने वाली प्रेरणा से अवगत कराना था। रामायण के संवादों और दृश्यों ने पूरे विद्यालय प्रांगण को एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया, जिससे उपस्थित सभी लोग अभिभूत थे।

सांस्कृतिक और शैक्षिक महत्व

एन के एकेडमी द्वारा आयोजित यह सांस्कृतिक उत्सव केवल मनोरंजन का साधन नहीं था, बल्कि इसका गहरा शैक्षिक और सांस्कृतिक महत्व भी था। यह आयोजन विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपनी परंपराओं से जुड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है। नौ देवियों की झांकियों और रामायण मंचन के माध्यम से, विद्यार्थियों ने न केवल अभिनय कला का प्रदर्शन किया, बल्कि उन्होंने भारतीय इतिहास, पौराणिक कथाओं और नैतिक मूल्यों का भी ज्ञान प्राप्त किया। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक गौरव और संस्कारों के प्रति सम्मान की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिक्षक-प्रबंधन की भूमिका

एन के एकेडमी के इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर अनुपम चंद्र अग्रवाल, श्रीमती मधू अग्रवाल, प्रिंसिपल शिवानी प्रसाद और विभाग प्रमुख मोहित दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के समस्त स्टाफ, जिसमें अध्यापक निखिल कुमार भी शामिल थे, का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के सम्मिलित प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण और यादगार बन सका, जिसने भारतीय संस्कारों के महत्व को एक बार फिर से स्थापित किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने और मंचन की तैयारी कराने में अथक परिश्रम किया, जबकि प्रबंधन ने सभी व्यवस्थाओं का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। इस सामूहिक प्रयास ने सिद्ध किया कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक और चारित्रिक विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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