एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल ने हिंदी की प्रखर पैरोकार शोभा लेखवानी को किया सम्मानित
एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल के राजभाषा प्रकोष्ठ ने हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन में योगदान के लिए शोभा लेखवानी को सम्मानित किया।

हिंदी भाषा को बढ़ावा देने में उत्कृष्ट योगदान के लिए शोभा लेखवानी का सम्मान
भोपाल स्थित राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आई.टी.टी.टी.आर.) के राजभाषा प्रकोष्ठ ने हाल ही में श्रीमती शोभा लेखवानी को सम्मानित करने के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में संस्थान की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी के प्रभावी उपयोग और कार्यान्वयन की दिशा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सराहा गया।
समारोह के दौरान, एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल के निदेशक डॉ. सी.सी. त्रिपाठी ने श्रीमती लेखवानी की समर्पित सेवा और राजभाषा प्रकोष्ठ की पहलों में उनकी सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेवानिवृत्ति एक महत्वपूर्ण पेशेवर बदलाव का प्रतीक है, लेकिन कर्मचारी की प्रतिबद्धता और उनके योगदान की स्थायी स्मृतियाँ हमेशा बनी रहती हैं।
हिंदी कार्यान्वयन को बढ़ावा देने में निभाई अहम भूमिका
डॉ. त्रिपाठी ने विशेष रूप से संस्थान भर में हिंदी के उपयोग को बढ़ावा देने में श्रीमती लेखवानी की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। आधिकारिक कार्यवाही में इसके व्यापक प्रसार को प्रोत्साहित करने में राजभाषा प्रकोष्ठ की विभिन्न गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी को एक प्रमुख कारक बताया गया। उनकी प्रशंसा की गई और उनकी ईमानदारी तथा समर्पण के माध्यम से अपने सहयोगियों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की गई।
समन्वयक-राजभाषा डॉ. प्रमोद कुमार पुरोहित ने भी इन भावनाओं को दोहराया और आधिकारिक भाषा नीति में श्रीमती लेखवानी के बहुमूल्य योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित विभिन्न राजभाषा-संबंधित कार्यक्रमों और गतिविधियों में उनके निरंतर सहयोग और सक्रिय जुड़ाव की सराहना की।
महत्वपूर्ण योगदानों को मिली पहचान
राजभाषा प्रकोष्ठ की एक सक्रिय सदस्य के रूप में, श्रीमती लेखवानी एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल में हिंदी के उपयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहीं। आधिकारिक भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन और सफलतापूर्वक निष्पादन में उनकी भूमिका की बहुत सराहना की गई। आधिकारिक भाषा पर संसदीय समिति के निरीक्षण के दौरान उनकी सहायक और सक्रिय भागीदारी का विशेष उल्लेख किया गया, जो उनके जुड़ाव के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित करता है।
इस सम्मान समारोह में एन.आई.टी.टी.टी.आर. भोपाल के प्रमुख गणमान्य व्यक्ति, जिनमें डीन (प्रशासन) प्रो. आर.के. दीक्षित और राजभाषा अधिकारी मेजर निशांत कुमार शामिल थे, उपस्थित थे। राजभाषा प्रकोष्ठ के सदस्यों, साथ ही अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी संस्थान के प्रति श्रीमती लेखवानी की सेवा और हिंदी के आधिकारिक उपयोग को मजबूत करने के उनके प्रयासों का जश्न मनाने के लिए भाग लिया।
