एम्स नर्सिंग परीक्षा में बलरामपुर की सोनिया सिंह 91वीं रैंक पर, जिले का नाम रोशन
बलरामपुर की सोनिया सिंह ने एम्स की नॉरसेट-11 मेन्स परीक्षा में 91वीं रैंक हासिल की। उनकी इस सफलता से परिवार, संस्थान और जिले का नाम...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 12 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र से एक प्रेरणादायक सफलता की कहानी सामने आई है। आरएनए नर्सिंग इंस्टीट्यूट की छात्रा सोनिया सिंह ने एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) द्वारा आयोजित नर्सिंग ऑफिसर भर्ती परीक्षा, नॉरसेट-11 मेन्स में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक प्राप्त की है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने अपने परिवार, संस्थान और जिले का गौरव बढ़ाया है।
यह परीक्षा देश भर के विभिन्न एम्स संस्थानों में नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाती है। यह अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा होती है, जिसमें देशभर से हजारों अभ्यर्थी भाग लेते हैं। सोनिया सिंह की इस उपलब्धि को स्थानीय समुदाय द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेरणादायक घटना के रूप में देखा जा रहा है।
सोनिया सिंह की शैक्षणिक यात्रा और प्रेरणा
बलरामपुर जिले के गालिबपुर गांव की निवासी सोनिया सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बलरामपुर में ही पूरी की। इसके बाद, उन्होंने जालंधर, पंजाब से बीएससी (नर्सिंग) की डिग्री हासिल की। अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत, उन्होंने एम्स नर्सिंग ऑफिसर जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी।
सोनिया के चाचा, ओमप्रकाश सिंह एडवोकेट और अतुल सिंह ने बताया कि सोनिया ने अपने दिवंगत पिता के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर परीक्षा में सफलता पाई है। शिक्षक विजय सिंह ने कहा कि सोनिया की यह सफलता प्रदेश भर की उन युवतियों के लिए एक मिसाल बनेगी जो नर्सिंग या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।
समूह में खुशी और भविष्य की शुभकामनाएं
सोनिया की इस सफलता से गालिबपुर गांव सहित पूरे श्रीदत्तगंज विकास खंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों, आरएनए नर्सिंग इंस्टीट्यूट के शिक्षकों और प्रबंधन ने सोनिया को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह परिणाम सोनिया की कड़ी मेहनत, लगन और उन्हें मिले उत्कृष्ट मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। नर्सिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए सोनिया सिंह की यह उपलब्धि एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।
