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एमजेएस महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, तनाव प्रबंधन के गुर सिखाए

भिंड के एमजेएस महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यशाला में तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवन शैली के महत्व पर जानकारी दी गई।

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•संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे
एमजेएस महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला, तनाव प्रबंधन के गुर सिखाए

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बौहरे

द क्लिफ न्यूज़ | 12 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ शासकीय एमजेएस महाविद्यालय, भिंड में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन और सकारात्मक जीवन शैली के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य विषय 'जीने के अनुभवों को सुनना: वास्तविक आवाजें, वास्तविक परिवर्तन' रखा गया था, जिसका उद्देश्य मानसिक विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना था।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. साकार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर संवाद करना समस्याओं के समाधान की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ मन ही सफल जीवन की नींव है। आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में, विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और भविष्य की चिंताओं के बीच शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखने पर भी समान ध्यान देना चाहिए। डॉ. तिवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता मांगना कमजोरी का नहीं, बल्कि साहस का प्रतीक है।

स्वस्थ मन, सफल जीवन का आधार

दूसरे वक्ता डॉ. शैलेन्द्र परिहार ने जीवन को एक प्रतियोगिता के बजाय निरंतर सीखने की एक यात्रा के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि हर व्यक्ति की अपनी विशिष्ट क्षमताएं होती हैं, और दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय स्वयं पर विश्वास रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए, डॉ. परिहार ने मन को शरीर और आत्मा के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया, जो समग्र कल्याण के लिए आवश्यक है।

सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास का महत्व

कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. मोहित कुमार दुबे ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के आत्मविश्वास और सही निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने में एक अभिन्न भूमिका निभाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को योग, ध्यान और सकारात्मक सोच जैसी आदतों को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने सामूहिक रूप से स्वस्थ मन के माध्यम से सार्थक और संतुष्टिपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया, जिसे उपस्थित विद्यार्थियों और महाविद्यालय के स्टाफ ने आत्मसात किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील त्रिपाठी, प्रो. मोहित कुमार दुबे, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. अनिता बंसल और डॉ. राजेन्द्र सिंह राठौर सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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