एमजेएस कॉलेज भिंड में 'हर घर तिरंगा' पर कार्यशाला, राष्ट्रीय ध्वज के महत्व पर जोर
भिंड के एमजेएस कॉलेज में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के महत्व और देश की एकता में उसकी भूमिका को समझाया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | भिंड | 11 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, भिंड में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के विद्यार्थियों को राष्ट्र की अस्मिता के प्रतीक, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के महत्व और उसकी प्रासंगिकता को विस्तार से समझाया गया।
कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय ध्वज केवल एक कपड़ा मात्र नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण राष्ट्र की पहचान, एकता, संप्रभुता और गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि तिरंगा प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति की भावना को जागृत करता है और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह हमारे देश की विविधता में एकता को भी दर्शाता है, जो भारत की एक अनूठी विशेषता है। यह कार्यशाला भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य नागरिकों को अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना से जोड़ना है।
राष्ट्रीय ध्वज: एकता और गर्व का प्रतीक
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, शिक्षकों ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का राष्ट्रीय ध्वज उस देश की जनसंख्या की एकता का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय ध्वज, तिरंगा, हमें हर स्थान पर देशभक्ति और एकता का भाव प्रदान करता है। यह भारत के एक राष्ट्र के रूप में प्रतिनिधित्व करने वाले मूल्यों का प्रतीक है। राष्ट्रीय ध्वज, भारत की पहचान, विविधता, एकता और संप्रभुता का एक शक्तिशाली प्रतिनिधित्व है। यह केवल एक कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि उन सभी बलिदानों का प्रतीक है जिन्होंने भारत को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को देश के विभिन्न शहरों में स्थापित राष्ट्रीय ध्वजों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें सबसे ऊँचे ध्वज स्तंभों और उनके ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। यह सत्र युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, ताकि वे राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और इसके महत्व को समझ सकें। वक्ताओं ने बताया कि कैसे राष्ट्रीय ध्वज विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं वाले देश को एक सूत्र में पिरोता है। उन्होंने भारतीय संविधान में वर्णित मूल सिद्धांतों का भी उल्लेख किया, जो तिरंगे के नीचे एकजुट भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कार्यशाला में यह भी समझाया गया कि तिरंगे में तीन रंग हैं - केसरिया, जो साहस और बलिदान का प्रतीक है; सफेद, जो सत्य और शांति का प्रतीक है; और हरा, जो समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक है। बीच में स्थित नीला चक्र, धर्म और प्रगति का प्रतीक है। यह चक्र गति और निरंतरता को दर्शाता है, जो राष्ट्र के विकास का संकेत है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को तिरंगे को फहराने के नियमों और विनियमों के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी, ताकि वे राष्ट्र ध्वज के प्रति उचित सम्मान सुनिश्चित कर सकें। 'हर घर तिरंगा' अभियान का एक मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक घर में तिरंगा फहराया जाए, जो हर नागरिक के दिल में देश के प्रति प्रेम को जगाएगा।
