एलटी ग्रेड परीक्षा: गोण्डा की शुभांगी गृह विज्ञान में प्रदेश में प्रथम
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में गोण्डा की शुभांगी ने गृह विज्ञान विषय में प्रथम रैंक हासिल कर जिले...

गोण्डा | संवाददाता: बी पी त्रिपाठी
द क्लिफ न्यूज़ | गोण्डा | 18 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम में गोण्डा की बेटी शुभांगी ने गृह विज्ञान विषय में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे जनपद के लिए भी यह एक गर्व का क्षण है।
न्यू कैलाशपुरी कॉलोनी निवासी शुभांगी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी अथक मेहनत, अटूट लगन और दृढ़ संकल्प को दिया है। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा लखनऊ के आईटी गर्ल्स कॉलेज से पूरी की है। विवाह के उपरांत, वे वर्तमान में अपने पति सत्यांश अवस्थी के साथ गोण्डा में निवास कर रही हैं, जो बलरामपुर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज राजकीय पॉलिटेक्निक में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।
गृह विज्ञान में प्रथम रैंक, जिले का नाम रोशन
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद, गोण्डा की बेटी शुभांगी ने गृह विज्ञान विषय में प्रथम रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के लिए विशेष गर्व का विषय बनी हुई है, क्योंकि उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से मिली सफलता
शुभांगी की इस ऐतिहासिक सफलता की खबर फैलते ही उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी और उत्सव का माहौल है। उनके पति सत्यांश अवस्थी, जो बलरामपुर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में प्रवक्ता हैं, ने भी इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया है।
युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत
स्थानीय निवासियों और शिक्षाविदों का मानना है कि शुभांगी की यह सफलता उन सभी युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि कठिन परिश्रम और सच्ची निष्ठा से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि ने जिले के शैक्षणिक वातावरण को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। शुभांगी की लगन और समर्पण ने यह सिद्ध किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर सफलता अवश्य मिलती है।
