एचडीएफसी बैंक, आईटी शेयरों में तेजी से भारतीय बाजारों में उछाल
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजारों ने जोरदार वापसी की, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट थम गई।

भारतीय बाजारों में मजबूती का रुख
मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में भारतीय इक्विटी बाजारों में जबरदस्त वापसी देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती गिरावट को पलट दिया। यह रिकवरी मुख्य रूप से भारी-भरकम बैंकिंग और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में आई तेजी से संचालित हुई, जिसने पिछले सत्र की सुस्त चाल के बाद एक बड़ी राहत प्रदान की।
सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल
30-शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 305 अंक चढ़कर 72,224.15 पर पहुंच गया। इसी तरह, 50-शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 93.40 अंक बढ़कर 22,458.50 पर कारोबार कर रहा था। बाजार की इस सकारात्मक चाल से घरेलू बाजार में निवेशकों का विश्वास फिर से बढ़ा है।
आईटी सेक्टर ने भरी उड़ान
बाजार की वापसी में आईटी शेयरों का मजबूत प्रदर्शन एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता रहा। एचसीएल टेक (HCL Tech) लगभग 5% की छलांग के साथ एक मुख्य प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरा। इस तेजी का कारण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 21.18% की वृद्धि के साथ 5,132 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज करना था। यह वृद्धि उसके उन्नत एआई संचालन से बढ़े मार्जिन और कम कर देनदारी के कारण हुई। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), और इंफोसिस (Infosys) जैसी अन्य प्रमुख आईटी कंपनियों ने भी सकारात्मक कारोबार देखा। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और रिटेल दिग्गज ट्रेंट (Trent) जैसी ब्लू-चिप कंपनियों ने भी प्रमुख लाभ में योगदान दिया, जिससे व्यापक बाजार में तेजी आई।
मिला-जुला प्रदर्शन और वैश्विक संकेत
समग्र रूप से सकारात्मक भावना के बावजूद, कुछ भारी-भरकम शेयरों में गिरावट देखी गई। एनटीपीसी (NTPC), पावर ग्रिड (Power Grid), मारुति (Maruti), और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) उन शेयरों में से थे जो लाल निशान में थे। यह चुनिंदा मुनाफावसूली या क्षेत्र-विशिष्ट बाधाओं का संकेत देता है। वैश्विक स्तर पर, बाजार की भावना मिली-जुली बनी रही। ब्रेंट क्रूड, अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क, 1.08% की मामूली गिरावट के साथ 105.5 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एशियाई बाजारों में मिली-जुली तस्वीर पेश की, जिसमें दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) शार्प गिरावट पर कारोबार कर रहा था। जापान (Nikkei 225), शंघाई (SSE Composite), और हांगकांग (Hang Seng) के सूचकांक भी गिरावट पर थे, जो क्षेत्र में सतर्क कारोबार को दर्शाता है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट पर बंद हुए थे, जिसने वैश्विक स्तर पर सतर्कता को और बढ़ाया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को 1,708.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर बिकवाली जारी रखी। विदेशी निवेशकों के इस बहिर्वाह ने पिछले दिन बाजार की गिरावट में योगदान दिया था। इससे पहले, सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को, सेंसेक्स ने 547.65 अंक, या 0.76% की महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की थी, जो 71,924.68 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 157.10 अंक, या 0.70% गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ था। मंगलवार की यह वापसी बताती है कि बाजार पिछले दबावों को झेल रहा है और नए समर्थन स्तर ढूंढ रहा है।
