दूसरे टेस्ट में भारत की मजबूत पकड़, श्रीलंका 8 पर 2 विकेट, 495 रन पीछे
कोलंबो में दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने 9 विकेट पर 503 रन बनाकर पारी घोषित की, जवाब में श्रीलंका 8 रन पर 2 विकेट गंवा चुका है।

द क्लिफ न्यूज़ | कोलंबो | 25 अगस्त 2026
श्रीलंका के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस मैच में भारत ने विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद मेजबान टीम को बल्लेबाजी में शुरुआती झटके दिए हैं। भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 503 रन बनाकर घोषित की, जिसके जवाब में दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने आठ रन के स्कोर पर अपने दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। इस प्रकार, मेजबान टीम अभी भी भारत के स्कोर से 495 रन पीछे है।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए पूरे दिन अपनी पकड़ बल्लेबाजी पर बनाए रखी। टीम के मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण पारियां खेलकर स्कोर को बड़े स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। देवदत्त पडिक्कल ने 117 रन की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि ध्रुव जुरेल 115 रन बनाकर नाबाद रहे। ऋषभ पंत ने भी 63 रन की तेज और उपयोगी पारी खेलकर टीम के स्कोर को गति प्रदान की।
पडिक्कल के शतक से मजबूत नींव
देवदत्त पडिक्कल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए अपनी शतकीय पारी खेली। उनकी इस पारी ने भारतीय पारी को एक मजबूत आधार प्रदान किया और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। पडिक्कल ने विशेष रूप से खराब गेंदों का फायदा उठाया और स्कोरबोर्ड को निरंतर आगे बढ़ाया। उनकी शतकीय पारी भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि इससे टीम को एक बड़े स्कोर की नींव मिली, जिस पर आगे चलकर अन्य बल्लेबाजों ने रन जोड़े। पडिक्कल के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों ने रन बनाने की गति को बनाए रखा।
जुरेल का धैर्यपूर्ण शतक और पंत का आक्रामक योगदान
ध्रुव जुरेल ने दबाव की परिस्थितियों में असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 177 गेंदों पर नाबाद 115 रन बनाए। यह उनके टेस्ट क्रिकेट करियर का दूसरा शतक रहा। जुरेल ने एक छोर संभालकर खेलते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ अद्भुत धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने और ऋषभ पंत ने मिलकर सातवें विकेट के लिए 112 रन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। इस साझेदारी ने उस समय भारतीय पारी को संभाला, जब टीम के शीर्ष क्रम के कुछ बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। पंत ने 63 रन जोड़कर तेज गति से रन बटोरे और जुरेल के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। जुरेल ने पारी के अंतिम क्षणों तक अपना विकेट नहीं गंवाया, और उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा चार रन बनाकर नाबाद लौटे।
श्रीलंका की खराब शुरुआत, गेंदबाजों का दबदबा
भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। भारतीय गेंदबाजों ने पारी की शुरुआत से ही मेजबान बल्लेबाजों पर शिकंजा कस दिया। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने लाहिरू उदारा को मात्र एक रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट करके पहला झटका दिया। इसके तुरंत बाद, मानव सुथार ने प्रभात जयसूर्या को सिर्फ दो रन पर पवेलियन भेजकर श्रीलंका को दूसरा बड़ा झटका दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने दो विकेट के नुकसान पर महज आठ रन बनाए थे, जिससे स्पष्ट था कि वे भारतीय स्कोर से अभी 495 रन पीछे हैं। भारतीय गेंदबाजों के सामने अब श्रीलंका की पहली पारी को जल्द से जल्द समेटने और एक बड़ी बढ़त हासिल करने का सुनहरा अवसर है।
सीरीज में भारत पहले से बढ़त में
यह दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला भारत पहले ही 1-0 से अपने नाम कर चुका है। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 165 रन के बड़े अंतर से हराया था। उस मुकाबले में युवा गेंदबाज मानव सुथार ने अपने टेस्ट करियर में पहली बार एक मैच में 10 विकेट लेने की शानदार उपलब्धि हासिल की थी। पहले टेस्ट में मिली इस प्रभावशाली जीत के बाद, भारतीय टीम की नजरें अब इस श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने पर टिकी हैं। दूसरे टेस्ट में जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजों ने विशाल स्कोर खड़ा किया और गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआती झटके दिए, उससे टीम की स्थिति काफी मजबूत दिखाई दे रही है।
बारिश बन सकती है बाधा
कोलंबो में मैच के दौरान मौसम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि बारिश के कारण खेल प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर भारतीय टीम की रणनीति और मैच के अंतिम परिणाम पर पड़ सकता है। वर्तमान में, भारतीय टीम जल्द से जल्द श्रीलंका के शेष बल्लेबाजों को आउट करके एक बड़ी बढ़त हासिल करना चाहेगी ताकि बारिश की किसी भी बाधा की स्थिति में भी वे मुकाबले में आगे रहें। श्रीलंका के सामने सबसे बड़ी चुनौती भारतीय गेंदबाजों का सामना करना है। मेजबान टीम को पहले तो भारतीय बढ़त को कम करने के लिए लंबी और मजबूत साझेदारियां बनानी होंगी, जो कि फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है। दूसरी ओर, भारत की पूरी कोशिश यही होगी कि वह श्रीलंका को दबाव से बाहर निकलने का कोई भी अवसर न दे।
श्रृंखला जीतने का मजबूत दावा
मौजूदा स्थिति को देखते हुए, भारत के पास दूसरे टेस्ट को अपने नाम करने का एक अत्यंत मजबूत अवसर है। पहली पारी में 503 रन का विशाल स्कोर खड़ा करना और उसके जवाब में श्रीलंका के दो विकेट बहुत कम स्कोर पर गिरा देना, भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त प्रदान कर चुका है। अब इस मुकाबले की दिशा काफी हद तक श्रीलंका की पहली पारी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी। यदि भारतीय गेंदबाज मेजबान टीम को कम स्कोर पर रोकने में सफल होते हैं, तो भारत को न केवल एक बड़ी बढ़त मिलेगी, बल्कि वह पारी से जीत या बड़े अंतर से जीत की ओर भी अग्रसर हो सकता है। फिलहाल, भारत ने दूसरे टेस्ट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और उसकी नजरें श्रीलंका को हराकर दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला 2-0 से अपने नाम करने पर हैं।
