दुनिया भर में मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, प्रतिष्ठित इमारतों पर लहराया तिरंगा
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का उल्लास देश की सीमाओं से परे, दुनिया भर में भारतीय दूतावासों और प्रतिष्ठित इमारतों पर तिरंगे की रोशनी से जगमगाता रहा।

द क्लिफ न्यूज़ | 16 अगस्त 2026
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव देश की सीमाओं से परे, वैश्विक स्तर पर भव्यता से मनाया गया। न्यूयॉर्क से लेकर दुबई तक, दुनिया भर के प्रमुख शहरों में भारतीय दूतावासों, उच्चायोगों और महावाणिज्य दूतावासों में तिरंगे के रंगों की रोशनी से प्रतिष्ठित इमारतें जगमगा उठीं। इन आयोजनों में न केवल विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्य, बल्कि स्थानीय नागरिक, राजनेता और गणमान्य हस्तियां भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं।
समारोहों की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों के प्रमुखों, जिनमें राजदूत और उच्चायुक्त शामिल थे, ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन को पढ़कर सुनाया। यह आयोजन भारतीय समरूपी पहचान और देशभक्ति की भावना का एक जीवंत प्रदर्शन था।
वैश्विक आइकॉन तिरंगे के रंगों में रंगे
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने स्वतंत्रता दिवस को पूरे जोश के साथ मनाया, जहाँ स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति के संबोधन को पढ़ा। इसी तरह, जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में, स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने लगभग 500 भारतीय प्रवासियों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया और राष्ट्रपति के संबोधन को पढ़कर सुनाया। मिशन ने इसे भारत की यात्रा, एकता और अटूट जज्बे का प्रेरणादायक उत्सव बताया।
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस की सबसे आकर्षक झलक न्यूयॉर्क की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल, नियाग्रा फॉल्स और ब्लूमबर्ग के मुख्यालय जैसी प्रसिद्ध संरचनाओं का भारतीय तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंगों से सराबोर होना था। दुबई में बुर्ज खलीफा और यरूशलेम में कॉर्ड्स ब्रिज भी तिरंगे की रोशनी से नहाए हुए थे। इन वैश्विक प्रतीकों पर भारत के प्रति सम्मान का ऐसा ही विहंगम दृश्य दुनिया के अन्य प्रमुख शहरों में भी देखने को मिला। रूस के मॉस्को में, भारतीय प्रवासियों ने एक भव्य बाइक रैली निकालकर अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन किया।
सांस्कृतिक कूटनीति का सफल प्रदर्शन
सांस्कृतिक दृष्टिकोण से, यह वैश्विक उत्सव भारत की 'सॉफ्ट पावर' और सांस्कृतिक कूटनीति का एक प्रभावी प्रदर्शन साबित हुआ। विभिन्न दूतावासों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में, स्थानीय कलाकारों और भारतीय समुदाय के बच्चों ने भरतनाट्यम, भांगड़ा और कथक जैसे पारंपरिक भारतीय नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इन आयोजनों ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया और विभिन्न संस्कृतियों के बीच सेतु का काम किया।
प्रवासी भारतीयों ने इस अवसर पर अपनी मातृभूमि के विकास, आत्मनिर्भरता और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपने निरंतर योगदान की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह दर्शाता है कि विदेश में बसे भारतीय भी देश की प्रगति के प्रति कितने सजग और समर्पित हैं।
