दूध डेरी विद्यालय में बालसभा: सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा
नरसिंहगढ़ के दूध डेरी प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बालसभा में सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया और उन्हें शैक्षिक सामग्री से पुरस्कृत...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 19 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ स्थित दूध डेरी प्राथमिक विद्यालय में अक्टूबर माह के तीसरे शनिवार को एक विशेष बालसभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सेवानिवृत्त शिक्षक मंच के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना था।
सेवानिवृत्त शिक्षक मंच के राजेंद्र सीरा, वंदना गुप्ते, महेंद्र व्यास और प्रदीप पंचोली ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। इस बालसभा में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कविता पाठ, कहानी सुनाने और चित्रकला जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों की रचनात्मकता को सेवानिवृत्त शिक्षकों का प्रोत्साहन
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को न केवल सराहा, बल्कि उनकी प्रतिभा को निखारने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें शैक्षिक सामग्री के रूप में पुरस्कार भी प्रदान किए। इस पहल से बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने व्यक्तिगत रूप से बच्चों से बात कर उनकी शैक्षणिक प्रगति और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली, जिससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
निरंतर प्रयास से आत्मविश्वास और कौशल का विकास
सेवानिवृत्त शिक्षक मंच की यह एक नियमित पहल है, जिसके अंतर्गत वे प्रतिमाह किसी न किसी विद्यालय में जाकर बालसभा का आयोजन करते हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करना, उनके बोलने के कौशल को निखारना और चित्रकला जैसी कलाओं के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। विद्यालय के शिक्षकों ने इस नवाचार का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को एक नई दिशा मिलती है और उनकी झिझक दूर होती है, जिससे वे अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से व्यक्त कर पाते हैं। मंच द्वारा वितरित की गई शिक्षण सामग्री, जैसे कि रंगीन पेंसिलें, ड्राइंग बुक और शैक्षिक खेल, विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ने की भी उम्मीद है। इस प्रकार की गतिविधियों से छात्रों को न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि भावनात्मक और सामाजिक रूप से भी मजबूत बनने में मदद मिलती है। यह प्रयास भविष्य में भी जारी रखने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
बालसभा का बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव
विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने सेवानिवृत्त शिक्षक मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन बच्चों के लिए अमूल्य है। उन्होंने बताया कि बालसभा जैसे मंच बच्चों को अपनी छुपी हुई प्रतिभा को बाहर लाने का अवसर देते हैं। नियमित रूप से आयोजित होने वाली इन सभाओं के कारण, छात्र अब मंच पर बोलने और अपनी बात रखने में कम झिझक महसूस करते हैं। चित्रकला प्रतियोगिताएं उनकी रचनात्मकता को पंख लगा रही हैं। पुरस्कार के रूप में मिली शैक्षिक सामग्री उनके अध्ययन को और अधिक रोचक बना रही है, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो रही है। यह संयुक्त प्रयास न केवल वर्तमान पीढ़ी के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा रहा है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत नींव रख रहा है, जहां युवा आत्मविश्वास से भरे और कुशल नागरिक के रूप में विकसित होंगे।
