डॉ. मुन्नालाल देवदास को मिला मुंशी प्रेमचंद क्रिएटिव राइटिंग अवार्ड-2026
राष्ट्रपति-राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के साहित्यकार डॉ. मुन्नालाल देवदास को उनकी उत्कृष्ट रचनात्मकता के लिए प्रतिष्ठित मुंशी प्रेमचंद क्रिएटिव राइटिंग अवार्ड-2026 प्रदान किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | रायपुर | 30 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के बहुआयामी व्यक्तित्व, शिक्षाविद और साहित्यकार डॉ. मुन्नालाल देवदास को साहित्य के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘मुंशी प्रेमचंद क्रिएटिव राइटिंग अवार्ड-2026’ से सम्मानित किया गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान साहित्य सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर 31 जुलाई 2026 को प्रदान किया गया, जिससे प्रदेश का गौरव बढ़ा है।
डॉ. देवदास को यह अलंकरण उनकी अनूठी रचनात्मकता, मौलिक लेखन शैली, साहित्यिक उत्कृष्टता और शिक्षा, संस्कृति तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन में उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है। उनके साहित्यिक कार्यों ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, शिक्षा प्रणाली और मानवीय मूल्यों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक नई पहचान दिलाई है।
रचनात्मकता और विश्व रिकॉर्ड की विस्तृत जानकारी
गीत साहित्य और क्रिएटिव राइटिंग इनोवेशन के क्षेत्र में डॉ. मुन्नालाल देवदास 20 से अधिक विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। वे लंबे समय से साहित्य, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों को एक साथ जोड़ते हुए अपनी रचनात्मक लेखन के माध्यम से समाज में बौद्धिक जागरूकता और सकारात्मक विचारों का प्रसार करने में सक्रिय हैं।
गोल्डन एरा बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा जारी सम्मान-पत्र में डॉ. देवदास के साहित्यिक समर्पण और उनकी रचनात्मक दृष्टि की सराहना की गई है। इसमें कहा गया है कि वे मुंशी प्रेमचंद द्वारा स्थापित मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रमाण-पत्र में प्रेमचंद के प्रसिद्ध कथन “साहित्य समाज का दर्पण है” का उल्लेख करते हुए यह भी कहा गया है कि डॉ. देवदास की रचनाओं में यह दर्शन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
डॉ. देवदास का साहित्य दर्शन
डॉ. देवदास का दृढ़ विश्वास है कि साहित्य केवल मनोरंजन का एक साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह समाज को दिशा दिखाने, मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने और युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का संचार करने का एक सशक्त माध्यम है। अपने लेखन में उन्होंने सदैव शिक्षा, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं जैसे विषयों को प्रमुखता दी है, जिससे उनकी रचनाओं में एक गहरा सामाजिक सरोकार झलकता है।
पूर्व सम्मान और पहचान
यह पहला अवसर नहीं है जब डॉ. देवदास को उनके साहित्यिक और शैक्षिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया हो। इससे पहले, वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उन्हें साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनकी निरंतर सक्रियता ने उन्हें प्रदेश के प्रमुख साहित्यकारों में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।
समर्थन और बधाइयाँ
डॉ. देवदास की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रदेश शिक्षा प्रकोष्ठ, श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान छत्तीसगढ़, मम राजीव लोचन जिला मानस संघ गरियाबंद, गुरुकुल आवासीय विद्यालय सिरकट्टी आश्रम, कौशल्या माता मंदिर समिति चंदखुरी, क्षेत्र के साहित्यकारों, शिक्षकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा नगर पंचायत कोपरा के नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का गौरव
साहित्य जगत से जुड़े व्यक्तियों का मानना है कि डॉ. मुन्नालाल देवदास की यह उपलब्धि केवल उनके व्यक्तिगत साहित्यिक जीवन की एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी अत्यंत गौरव की बात है। उनका सृजन, साहित्य के प्रति अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और समाज में रचनात्मक चेतना तथा मानवीय मूल्यों के संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।
