डॉ. कलाम की जयंती पर बलरामपुर में विचार गोष्ठी, युवाओं ने राष्ट्रसेवा का लिया संकल्प
बलरामपुर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित एक विचार गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया। युवाओं ने...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 16 अक्टूबर 2026
भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन के नाम से विख्यात, भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर बलरामपुर के अल-रहमान हॉस्पिटल के सभागार में एक विशेष विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ड्रीम फाउंडेशन ने किया। इस अवसर पर डॉ. कलाम के व्यक्तित्व, कृतित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को याद किया गया।
समारोह का शुभारंभ महापुरुष के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी. सिंह बैस ने शिरकत की। उन्होंने उपस्थित युवाओं को डॉ. कलाम के जीवन और उनके विचारों से प्रेरणा लेने तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कलाम के जीवन और योगदान पर मंथन
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉ. अब्दुल कय्यूम, सिटी मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य काशी प्रसाद यादव और डॉ. जुबेर अहमद शामिल थे। फाउंडेशन के सचिव समीर अहमद सिद्दीकी ने डॉ. कलाम के जीवनवृत्त और उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम युवाओं के लिए सदैव एक प्रेरणास्रोत रहे हैं, जिन्होंने अपने कर्मों से देश का मान बढ़ाया।
संस्था के व्यवस्थापक मेहताब जमाल ने देश के विकास में पूर्व राष्ट्रपति के अतुलनीय योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल ने भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया। उन्होंने देश की युवा शक्ति को हमेशा प्रोत्साहित किया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा जागरूकता के क्षेत्र में सक्रियता
फाउंडेशन के सलाहकार मोहम्मद सलमान ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ड्रीम फाउंडेशन वर्ष 2018 से शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा जागरूकता के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भर में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। डॉ. कलाम की जयंती के उपलक्ष्य में रायबरेली और उन्नाव सहित प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी संस्था द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों, गणमान्य नागरिकों, चिकित्सकों और शिक्षकों ने शिक्षा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सभी ने डॉ. कलाम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने पर विशेष जोर दिया। इस आयोजन में युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई, जो भविष्य में उनके द्वारा राष्ट्रसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत देती है।
