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डोलरिया में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कथा पंडाल में गूंजे 'नंद के आनंद भयो' के जयकारे

नर्मदापुरम के डोलरिया में खेड़ापति माता मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कथा व्यास ने धर्म स्थापना के लिए कृष्ण अवतार का महत्व बताया।

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डोलरिया में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कथा पंडाल में गूंजे 'नंद के आनंद भयो' के जयकारे

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 22 अगस्त 2026

नर्मदापुरम जिले के डोलरिया ग्राम में खेड़ापति माता मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान शनिवार देर शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। जैसे ही कथा व्यास पंडित आचार्य संतोष जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया, पूरा कथा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्ति में सराबोर होकर झूमने और नृत्य करने लगे, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर एक आध्यात्मिक और आनंदमय ऊर्जा का संचार हो गया।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की एक मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से, भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजे एक नन्हे बालक ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। भक्तों ने बाल गोपाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और जन्मोत्सव की खुशी में एक-दूसरे को बधाई दी। आयोजन स्थल पर भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक चेतना का वातावरण बना रहा, जो कि इस पवित्र अवसर का प्रतीक था।

अत्याचार के अंत के लिए हुआ भगवान श्रीकृष्ण का अवतार

कथा व्यास पंडित आचार्य संतोष जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए कथा का आध्यात्मिक महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल एक धार्मिक आख्यान नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य से जोड़ने वाला एक शक्तिशाली आध्यात्मिक माध्यम है। विशेष रूप से कलियुग में, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, तथा उसके भीतर के अहंकार का नाश करने और विनम्रता अपनाने की प्रेरणा देता है।

आचार्य संतोष जी महाराज ने उस काल का वर्णन किया जब धरती पर अत्याचार, अनाचार और अधर्म बढ़ गया था तथा धर्म की हानि हो रही थी। ऐसे विकट समय में, दुष्टों के विनाश और धर्म की पुनः स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने देवकी के आठवें गर्भ से श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी कंस का वध कर न्याय और सत्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया, जो आज भी मानवता के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

बाल लीलाओं से भक्ति का संदेश

पंडित आचार्य संतोष जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी बड़े ही भावपूर्ण ढंग से वर्णन किया। उन्होंने माखन चोरी, गोकुल की अन्य लीलाओं और बाल गोपाल की विभिन्न मनोहारी कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान की असीम भक्ति और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इन लीलाओं के वर्णन से श्रद्धालुओं को भगवान की लीलाओं और उनकी दिव्य प्रकृति का अनुभव हुआ, जिससे उनकी आस्था और गहरी हुई।

जन्मोत्सव के दौरान, जैसे ही भगवान के जन्म का प्रसंग आया, कथा पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सभी ने मिलकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के उद्घोष के बीच भक्तजन भक्तिभाव में झूम उठे। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजे नन्हे बालक के दर्शन करने के लिए भी श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने भगवान के बाल रूप की आरती उतारी और सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की। आयोजन स्थल पर देर रात तक भक्तिमय माहौल बना रहा।

धार्मिक सहभागिता और सामाजिक संदेश

इस श्रीमद् भागवत कथा के मुख्य यजमान श्री हुकम सिंह बसाया जी द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन के साथ कथा का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे इस आयोजन की महत्ता स्पष्ट होती है। कथा के दौरान धार्मिक सहभागिता के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव और सहभागिता का भी उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रीति शुक्ला, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राजेश गौर, मंडल अध्यक्ष श्री दीपेंद्र राजपूत, श्री सत्येंद्र सिंह परिहार सहित कई वरिष्ठ जन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना की और धर्म, संस्कार तथा आध्यात्मिक चेतना को समाज तक पहुंचाने के उनके संकल्प का समर्थन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती में शामिल होकर सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। आयोजकों का कहना है कि इस कथा के माध्यम से समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोग अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।