दिव्यांग उपकरण वितरण: लुईस खुर्शीद पर कोर्ट में तय हुए आरोप
फर्रूखाबाद में दिव्यांग उपकरण वितरण मामले में पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद और अतहर फारुकी के खिलाफ अदालत ने आरोप तय किए। EOW जांच में जालसाजी व फर्जी दस्तावेजों के सबूत मिले थे।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रूखाबाद | 11 अगस्त 2026
फर्रूखाबाद जनपद में दिव्यांगजनों के लिए आवंटित सरकारी अनुदान के दुरुपयोग से जुड़े मामले में पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद और डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव अतहर फारुकी के विरुद्ध अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। यह फैसला आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की जांच रिपोर्ट और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को लिया गया।
यह मामला दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराने के लिए ट्रस्ट को मिले सरकारी अनुदान से जुड़ा है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 30 मार्च 2010 को इस ट्रस्ट को कुल 71.50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसी राशि में से चार लाख रुपये फर्रूखाबाद के दिव्यांगजनों को शिविर लगाकर निःशुल्क उपकरण वितरित करने के लिए निर्धारित थे।
जांच में उजागर हुई गंभीर अनियमितताएं
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन की विस्तृत जांच में इस अनुदान के वितरण प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं और जालसाजी के मामले सामने आए थे। रिपोर्ट के अनुसार, 29 मई 2010 को कायमगंज में एक शिविर आयोजित कर 32 लाभार्थियों को लाभान्वित किए जाने का दावा किया गया था।
फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर का खुलासा
जांचकर्ताओं को शिविर के आयोजन और लाभार्थियों को उपकरण वितरण से संबंधित दस्तावेजों में कई खामियां मिलीं। अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर, जाली मुहरों का प्रयोग और कूट रचित दस्तावेजों को तैयार किए जाने के सबूत मिले। EOW को कायमगंज में ऐसे किसी वास्तविक शिविर के आयोजन के ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जो दावों से मेल खाते हों। इसी आधार पर कायमगंज कोतवाली में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी, जिसकी न्यायिक कार्यवाही अब अदालत में आगे बढ़ रही है, जिसमें लुईस खुर्शीद और अतहर फारुकी मुख्य आरोपी हैं।
