दिव्यांग आउटसोर्स कर्मचारियों की गेट ड्यूटी पर रोक, कार्यालय कार्य प्राथमिकता
फर्रुखाबाद में भाजपा नेता ने डीआईओएस को ज्ञापन सौंपकर दिव्यांग आउटसोर्स कर्मचारियों की गेट ड्यूटी पर तत्काल रोक और कार्यालय कार्यों में प्राथमिकता देने की...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 18 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद में भारतीय जनता पार्टी के नेता अशोक कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को एक ज्ञापन सौंपकर दिव्यांग आउटसोर्स कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और तैनाती में मानवीय सुधार की मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिव्यांग कर्मचारियों को विद्यालयों में भारी शारीरिक श्रम वाले कार्यों से दूर रखा जाए और उनकी ड्यूटी कॉलेज के गेट पर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
भाजपा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि बार-बार गेट खोलने और बंद करने की प्रक्रिया दिव्यांग कर्मचारियों के लिए अत्यंत कष्टकारी होती है। वरिष्ठ अधिकारियों के आगमन पर गेट खोलने में होने वाली देरी इन कर्मचारियों के लिए समस्या पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि राजकीय इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा की कॉपियां उतारने जैसे कार्यों के लिए जब डीआईओएस के आदेश पर अन्य विद्यालयों से कर्मचारी बुलाए जाते हैं, तो प्रधानाचार्य अक्सर दिव्यांग कर्मचारियों को भेज देते हैं। यह स्थिति उनके शारीरिक परिश्रम की क्षमता के विपरीत है, जिससे वे कार्यस्थल पर उपहास का पात्र बनते हैं।
दिव्यांगों के सम्मान की सुरक्षा
अशोक कुमार के अनुसार, इस प्रकार का व्यवहार दिव्यांग कर्मचारियों के सम्मान के विरुद्ध है। उन्होंने शिक्षा संघ के पदाधिकारियों से भी इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया है। नेता ने मांग की है कि जो भी प्रधानाचार्य इन निर्देशों का उल्लंघन कर दिव्यांग कर्मचारियों को अनुपयुक्त कार्यों में तैनात करेंगे, उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कार्यालय कार्यों में प्राथमिकता
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी विद्यालय का दिव्यांग आउटसोर्स कर्मचारी अन्य विद्यालयों में शारीरिक कार्यों के लिए न भेजा जाए। इसके बजाय, इन कर्मचारियों को केवल कार्यालय के प्रशासनिक कार्यों में ही नियोजित किया जाना चाहिए ताकि उनकी गरिमा बनी रहे। डीआईओएस से ऐसे कड़े आदेश तत्काल प्रभाव से जारी करने की मांग की गई है, जिसमें प्रधानाचार्यों को दिव्यांगों की गरिमा का सम्मान सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए जाएं।
