डिंडौरी में 10 घंटे की मूसलाधार बारिश: तीन नदियां उफनीं, जबलपुर से संपर्क टूटा
डिंडौरी में 10 घंटे से जारी भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां उफान पर हैं, जिससे जबलपुर समेत कई प्रमुख मार्गों से संपर्क टूट गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | डिंडौरी | 9 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में पिछले करीब 10 घंटे से हो रही अनवरत मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। जिला मुख्यालय में पांच इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जिसके कारण नर्मदा, खरमेर और चकरार नदियां उफान पर आ गई हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। भारी बारिश के चलते कई महत्वपूर्ण मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और जबलपुर जैसे बड़े शहरों से जिला मुख्यालय का संपर्क टूट गया है।
बारिश की तीव्रता के कारण डिंडौरी शहर और आसपास के इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। कई स्थानों पर आवागमन बुरी तरह बाधित हुआ है, वहीं कुछ घरों और दुकानों में भी पानी घुसने की खबरें हैं। प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
प्रमुख पुलों पर जलभराव से यातायात बाधित
लगातार हो रही बारिश का सीधा असर नदी के जलस्तर पर दिख रहा है। नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और जिला मुख्यालय स्थित नर्मदा पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया। इसके अतिरिक्त, जबलपुर मार्ग पर स्थित जोगी टिकरिया पुल भी आज सुबह करीब 5:30 बजे जलमग्न हो गया। दोनों पुलों पर पानी का प्रवाह इतना तेज और अधिक था कि प्रशासन को तत्काल आवागमन रोकने के लिए दोनों तरफ से बैरिकेडिंग करनी पड़ी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी वाहन या व्यक्ति को इन जलमग्न पुलों से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। लोगों को सुरक्षित रहने और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। पुलों के ऊपर से बहते पानी के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
जबलपुर, अमरकंटक और शहडोल से संपर्क कटा
जोगी टिकरिया पुल के डूबने से डिंडौरी से जबलपुर जाने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। इसका सीधा असर जबलपुर से अमरकंटक और शहडोल की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है, जिनके लिए यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके अलावा, डिंडौरी-मंडला मार्ग भी बारिश और भारी जलभराव के कारण फिलहाल बंद घोषित कर दिया गया है।
दोनों ही मुख्य मार्गों पर बने पुलों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। बसों, कारों और अन्य छोटे-बड़े वाहनों में सवार यात्री घंटों से फंसे हुए हैं और सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शहर के भीतर के मुख्य मार्गों पर भी पानी भरने से सामान्य यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे दैनिक जीवन और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
लंबे समय बाद ऐसी तीव्र बारिश, प्रशासन चिंतित
स्थानीय निवासियों के अनुसार, जिले में इतनी कम अवधि में इतनी तेज और लगातार बारिश का अनुभव लंबे समय बाद हुआ है। नदियों और छोटे-बड़े नालों का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में तेजी से फैल रहे जलभराव और प्रमुख मार्गों के लंबे समय तक बंद रहने की है।
मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश से तत्काल राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं जताई है। आने वाले घंटों में भी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी गई है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। ऐसी स्थिति में, प्रशासन ने नदी किनारों, पुलों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
घरों में घुसा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त
भारी वर्षा के कारण डिंडौरी शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के कई निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। कुछ स्थानों पर घरों के अंदर तक पानी घुसने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण लोगों की दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है, और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में ग्राहकों की आवाजाही काफी कम देखी जा रही है।
प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से जलमग्न सड़कों, पुलों और नदी-नालों के करीब न जाएं। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे खतरनाक स्थानों से दूर रखने की हिदायत दी गई है।
बाढ़ जैसे हालात की आशंका
नर्मदा नदी के साथ-साथ खरमेर और चकरार नदियों के उफान पर आने से डिंडौरी जिले में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका बढ़ गई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी निगरानी और सतर्कता को और बढ़ा दिया है। यदि बारिश का यह दौर इसी तरह जारी रहता है, तो कई और निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों के बंद होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
वर्तमान में, डिंडौरी से जबलपुर, मंडला और अन्य प्रमुख शहरों की ओर जाने वाले सभी मार्ग प्रभावित हैं। जब तक पुलों के ऊपर से पानी का स्तर कम नहीं हो जाता, तब तक यातायात सामान्य होने की उम्मीद कम है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत और सहायता पहुंचाना है।
