दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया नमन, अर्पित किए पुष्प
नर्मदापुरम में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके एकात्म मानववाद और अंत्योदय के आदर्शों को याद किया।

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 25 सितंबर 2026
एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में प्रमुख रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मजयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। नर्मदापुरम के टैक्सी स्टैंड स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस आयोजन में पार्टी के सदस्यों ने पंडित उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को याद किया, जो भारतीय राजनीति और समाजशास्त्र में गहरी छाप छोड़ गए।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए राजनीति व सामाजिक जीवन को नई दिशा दी। उनके विचारों का मूल मंत्र 'अंत्योदय' था, जिसका अर्थ है अंतिम व्यक्ति का उदय। यह सिद्धांत आज भी देश के विकास में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि उनका एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन आज भी राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके बताए मार्ग पर चलने और संगठन के माध्यम से जनसेवा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, ताकि समाज के सभी वर्गों का समान विकास सुनिश्चित हो सके।
एकात्म मानववाद के प्रणेता को कार्यकर्ताओं ने किया नमन
नर्मदापुरम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मजयंती का कार्यक्रम विशेष रूप से स्मरण और संकल्प का अवसर बना। टैक्सी स्टैंड स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष एकत्रित हुए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरी श्रद्धा के साथ उन्हें नमन किया। इस दौरान, पंडित उपाध्याय के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं और उनके द्वारा दिए गए योगदानों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने विशेष रूप से एकात्म मानववाद के उनके दर्शन पर जोर दिया, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के बीच सामंजस्य स्थापित करने की वकालत करता है। यह दर्शन पश्चिमी भौतिकवाद और साम्यवाद के विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें मानव को केंद्रीय माना गया है।
कार्यकर्ताओं ने स्वीकार किया कि पंडित उपाध्याय के विचार केवल राजनीतिक नारे नहीं थे, बल्कि वे समाज के यथार्थ को समझते थे और आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते थे। अंत्योदय का उनका सिद्धांत आज भी गरीबों, वंचितों और शोषितों के उत्थान के लिए प्रासंगिक है। इस अवसर पर, उपस्थित सभी भाजपा सदस्यों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संकल्प लिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि वे पार्टी संगठन के माध्यम से समर्पण भाव से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देते रहेंगे।
टैक्सी स्टैंड पर अर्पित की गई विनम्र श्रद्धांजलि
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष सागर शिवहरे, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव, जिला उपाध्यक्ष लोकेश तिवारी, जिला मंत्री गोविंद राय, पूर्व मंडल अध्यक्ष राजकुमार चौकसे, पूर्व नगर मंत्री मनीष परदेशी, विधायक प्रतिनिधि महेंद्र यादव, चरणजीत सिंह, राजेश रैकबार, रेखा रघुवंशी, शफीक खान और कृतिक शिवहरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान का स्मरण किया और उनके सिद्धांतों पर चलने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह पूरा आयोजन उनके सेवा भाव, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को समर्पित रहा, जिसने अनेक पीढ़ियों को प्रेरणा दी है।
