डीजीपी मकवाना और RAF कमांडेंट श्रीवास्तव की मुलाकात, सुरक्षा समन्वय पर हुई चर्चा
भोपाल में डीजीपी कैलाश मकवाना और RAF कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव के बीच कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा व संयुक्त कार्यप्रणाली पर सार्थक चर्चा हुई।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 4 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना से मंगलवार को पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल में 107 रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), हिनोतिया के कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा की स्थिति और विभिन्न सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत व सार्थक चर्चा संपन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाना था। इस दिशा में, RAF और मध्य प्रदेश पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, आपसी सहयोग को बढ़ावा देने तथा संयुक्त कार्यप्रणाली को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों अधिकारियों ने संवेदनशील परिस्थितियों के प्रबंधन, आपदाओं से निपटने, भीड़ नियंत्रण और विशेष अभियानों के संचालन के दौरान दोनों बलों के बीच सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता पर गहन विचार-विमर्श किया।
सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय का महत्व
चर्चा के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि आज की आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के मध्य एक समन्वित प्रयास अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए, प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग, सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यासों के आयोजन को प्रोत्साहित करने पर सहमति बनी। इसका लक्ष्य किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
डीजीपी कैलाश मकवाना ने मध्य प्रदेश पुलिस और RAF के बीच स्थापित लंबे समय से चले आ रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों बलों के बीच प्रभावी समन्वय राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं, RAF कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव ने भविष्य में हर स्तर पर सहयोग और समन्वय को और अधिक प्रगाढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यह शिष्टाचार भेंट दोनों प्रमुख सुरक्षा बलों के बीच विश्वास, आपसी समझ और साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि इससे भविष्य में कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और विशेष परिस्थितियों में संयुक्त अभियानों की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
