डीजे व्यवसाय पर प्रतिबंध की समीक्षा, संचालकों ने प्रशासन से की मांग
बलरामपुर में डीजे संचालकों ने सामूहिक प्रतिबंध हटा ध्वनि और समय सीमा तय करने की मांग की है। सैकड़ों की आजीविका प्रभावित होने का हवाला...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 1 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले में डीजे और साउंड सिस्टम के संचालन पर लागू किए गए सामूहिक प्रतिबंध के खिलाफ डीजे संचालक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के सदस्यों ने अपर जिलाधिकारी शिवनारायण से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें सामूहिक प्रतिबंध की समीक्षा कर व्यवसाय को ध्वनि और समय सीमा के भीतर संचालित करने की अनुमति देने का आग्रह किया गया है।
संघ के प्रतिनिधियों ने एक विद्यालय में हुई बच्ची की दुर्भाग्यपूर्ण मौत की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि किसी एक व्यक्ति या आयोजक की गलती के लिए पूरे व्यवसाय को प्रतिबंधित करना उचित नहीं है। डीजे संचालकों का कहना है कि इस प्रतिबंध से न केवल डीजे संचालक, बल्कि साउंड और लाइट ऑपरेटर, ड्राइवर, हेल्पर और तकनीकी विशेषज्ञों सहित सैकड़ों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
व्यवसाय के लिए ध्वनि और समय सीमा का प्रस्ताव
अपने ज्ञापन में, डीजे संचालक संघ ने प्रशासन से सामूहिक प्रतिबंध के बजाय डीजे के संचालन के लिए स्पष्ट ध्वनि सीमा (डेसिबल) और समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि ध्वनि स्तर की जांच के लिए मौके पर ध्वनि मापक यंत्रों की व्यवस्था होनी चाहिए। संघ ने यह भी प्रस्ताव दिया कि विद्यालयों, अस्पतालों और शांत क्षेत्रों के आसपास विशेष नियम बनाए जाएं, ताकि इन संवेदनशील स्थानों पर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, संघ ने विवाह, धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए अनुमति प्राप्त करने की एक पारदर्शी प्रक्रिया स्थापित करने और आयोजक तथा संचालक दोनों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का सुझाव दिया है। इससे किसी भी घटना की स्थिति में जवाबदेही तय की जा सकेगी।
आजीविका पर संकट, मानवीय दृष्टिकोण की अपील
ज्ञापन सौंपने के अवसर पर राधेश्याम, बाबूलाल, संजय, सोनू, वेद प्रकाश, सुनील, तिलकराम, सुयश, रामसरन विराट, अजय, विपिन, सुभाष, जाकिर, कमलेश कुमार और प्रेम शंकर सहित बड़ी संख्या में डीजे संचालक और संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस व्यवसाय को पुनर्जीवित करने की अपील की है, ताकि गरीब परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके और उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
