डीएम ने अभ्युदय कोचिंग के छात्रों को सफलता के मंत्र दिए, स्टडी रूम बनेगा
बलरामपुर के डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग के अभ्यर्थियों से संवाद किया। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और निरंतरता को सफलता की कुंजी बताया और आधुनिक स्टडी रूम बनाने की घोषणा की।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 6 अगस्त 2026
बलरामपुर में मुख्यमंत्री अभ्युदय निःशुल्क कोचिंग योजना के तहत सिविल सर्विसेज एवं उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने गुरुवार को डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) में संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों को सफलता के लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतरता को सर्वोपरि बताया और उनकी अध्ययन पद्धति एवं भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
जिलाधिकारी ने अभ्यर्थियों को पूरे मनोयोग, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों को कभी अपनी कमी न समझें, बल्कि उन्हें संघर्ष और सफलता का अवसर बनाएं। हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच बनाए रखने और धैर्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं को प्रतिदिन बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
तैयारी के लिए व्यावहारिक सुझाव
डॉ. जैन ने अभ्यर्थियों को नियमित अध्ययन, उत्तर लेखन का अभ्यास, समसामयिक घटनाओं पर नजर रखने और प्रभावी समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को 'रोबोटिक' तरीके से न करने की बजाय एक संतुलित एवं सामान्य जीवन शैली के साथ आगे बढ़ने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी के अनुसार, मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाए रखते हुए निरंतर मेहनत करने वाले अभ्यर्थी लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर जोर
संवाद के दौरान, जिलाधिकारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अभ्यर्थियों के समक्ष आने वाले मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक दबाव और भटकाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थियों को तनाव से बचते हुए एक सकारात्मक वातावरण, आत्मविश्वास और अनुशासित दिनचर्या बनाए रखनी चाहिए।
आधुनिक स्टडी रूम और कलेक्ट्रेट भ्रमण की योजना
छात्र-छात्राओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी ने डायट बलरामपुर में एक आधुनिक स्टडी रूम विकसित करने की घोषणा की। इससे विद्यार्थियों को शांत एवं सुविधायुक्त अध्ययन का माहौल मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छात्र-छात्राओं को कलेक्ट्रेट का भ्रमण कराने की भी योजना बताई। इसका उद्देश्य उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली, शासन-प्रशासन की व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को निकट से समझने में मदद करना है। इस व्यावहारिक अनुभव से सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता मिलेगी।
अभ्युदय योजना की महत्ता
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ऐसे युवाओं को निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन इस योजना को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन के लिए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान अभ्युदय योजना से जुड़े शिक्षकगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
