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देवरी: मूंग खरीदी केंद्रों पर किसानों से खुलेआम वसूली, प्रशासन मौन

देवरी विधानसभा क्षेत्र में किसानों से प्रति क्विंटल 200-300 रुपये वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि अमानक मूंग की खरीद भी जारी है।

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देवरी: मूंग खरीदी केंद्रों पर किसानों से खुलेआम वसूली, प्रशासन मौन

द क्लिफ न्यूज़ | देवरी | 31 जुलाई 2026

देवरी विधानसभा क्षेत्र के देवरी और केसली में संचालित मूंग खरीदी केंद्रों पर किसानों से खुलेआम अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय किसानों का दावा है कि उनसे प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की चुप्पी चिंता का विषय बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खासकर सेवा सहकारी समिति थावरी द्वारा ऊषा वेयरहाउस, मुआर खास में संचालित मूंग खरीदी केंद्र पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी द्वारा खुलेआम किसानों को लूटा जा रहा है और व्यापारी व दलालों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। अधिकांश मूंग खरीदी केंद्रों पर दलालों की सक्रियता देखी जा रही है, और अमानक, कचरा तथा मिट्टी मिश्रित मूंग की खरीदी की जा रही है। कुछ स्थानों पर तो व्यापारियों का खराब माल भी खरीदा जा रहा है।

अमानक मूंग की खरीद और दलालों की सक्रियता

किसानों ने बताया कि यह सब कुछ प्रशासन की जानकारी में होने के बावजूद पूरे मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है। सेवा सहकारी समिति थावरी के तहत ऊषा वेयरहाउस में चल रहे खरीदी केंद्र पर किसानों को प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अमानक गुणवत्ता वाली मूंग की भी खरीद की जा रही है। केंद्र पर दलाल और व्यापारी सक्रिय दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इस गंभीर मामले पर कोई भी अधिकारी या तो कार्रवाई करने से कतरा रहा है या निरीक्षण करने से परहेज कर रहा है।

अधिकारियों की मिलीभगत का संदेह

किसानों के अनुसार, जिस प्रकार खुलेआम नियमों का उल्लंघन कर खरीदी की जा रही है, उससे यह संदेह गहरा रहा है कि कहीं केंद्र प्रभारी की स्थानीय अधिकारियों से मिलीभगत तो नहीं है। यदि खरीदी प्रक्रिया सरकारी नियमों के अनुसार पारदर्शी होती, तो किसी भी अतिरिक्त राशि की वसूली का कोई औचित्य नहीं था। इस स्थिति में किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

इस मामले को लेकर किसानों ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है। उन्होंने आग्रह किया है कि इस प्रकार की अवैध वसूली को तत्काल रोका जाए ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस समाचार के प्रकाशन के बाद देवरी-केसली के स्थानीय अधिकारियों के साथ-साथ जिला स्तर के अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं, या वे भी इस गंभीर मामले को नजरअंदाज करते हैं।