देवरी: मूंग खरीदी केंद्र पर अनियमितता, किसान अवैध वसूली के आरोप लगा रहे
सागर जिले के केसली ब्लॉक के थावरी सहकारी समिति के ऊषा वेयर हॉउस मुआर खास में मूंग खरीदी केंद्र पर किसानों ने व्यवस्थाओं में लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं। प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगा है।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 4 अगस्त 2026
सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली ब्लॉक में स्थित थावरी सहकारी समिति के अंतर्गत संचालित ऊषा वेयर हाउस, मुआर खास, मूंग खरीदी केंद्र एक बार फिर अनियमितताओं और कथित अवैध वसूली के आरोपों से घिर गया है। किसानों ने खरीद प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरतने और उनसे पैसों की वसूली करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस संबंध में संबंधित उप-खंड मजिस्ट्रेट (SDM) को सूचित किए जाने और मीडिया द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद, प्रशासन द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
किसानों का दावा है कि केंद्र प्रभारी राजनीतिक संरक्षण का हवाला देकर मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी की भाजपा नेताओं से निकटता के कारण प्रशासन इस मामले में कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह स्थिति तब है जब पत्रकारों द्वारा इस मामले को उजागर करने के बाद केसली SDM ने थावरी सहकारी समिति के केंद्र का निरीक्षण करने और केंद्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, यह आश्वासन केवल आश्वासन बनकर रह गया है और जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं आया है।
खरीद प्रक्रिया में अव्यवस्था और किसानों की शिकायतें
किसानों का मुख्य आरोप है कि केंद्र प्रभारी की कार्यप्रणाली के कारण खरीद प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। समय पर तौल, पंजीयन और भुगतान जैसी व्यवस्थाओं में भारी अव्यवस्था बनी हुई है। इसके परिणामस्वरूप, दूर-दराज से आने वाले किसानों को उपज बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इस देरी और अव्यवस्था से किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और वे इसे सीधे तौर पर केंद्र प्रभारी की मनमानी और प्रशासन की शिथिलता का परिणाम बता रहे हैं।
किसानों की प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने खरीद केंद्र पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों ने खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्त करने की अपील की है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निगरानी करे और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जिला प्रशासन के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कराकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
