देवरी में यूरिया की दोगुनी कीमत पर बिक्री, किसानों में आक्रोश
सागर जिले की देवरी नगर में किसानों द्वारा अरिहंत फर्टिलाइजर पर सरकारी दर से दोगुने दाम पर यूरिया बेचने का आरोप लगाया गया है। एक वीडियो वायरल होने के बाद दुकानदार ने धमकी दी।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 9 अगस्त 2026
सागर जिले की देवरी नगर में किसानों को सरकारी दर पर उपलब्ध कराए जाने वाले यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि सहजपुर रोड पर स्थित अरिहंत फर्टिलाइजर नामक दुकान पर यूरिया को सरकारी दर से लगभग दोगुने, यानी 600 रुपये प्रति बोरी की कीमत पर बेचा जा रहा है। इस मामले का एक वीडियो देवरी निवासी आशीष कोष्टी द्वारा वायरल किया गया है।
वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति का दावा है कि कथित कालाबाजारी करने वाले दुकानदार ने उन्हें वीडियो बनाने और वायरल करने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी है। पीड़ित व्यक्ति ने इस संबंध में देवरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना देवरी के राजस्व विभाग और कृषि विभाग के अधिकारियों पर भी सवाल खड़े करती है। किसानों का आरोप है कि ये अधिकारी केवल दिखावटी निरीक्षण करते हैं और खुलेआम हो रही कालाबाजारी पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश करते हैं।
कालाबाजारी पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, देवरी नगर की कई दुकानों पर खुलेआम खाद की कालाबाजारी की जा रही है। कुछ दुकानों में सैकड़ों-हजारों बोरियों का स्टॉक जमा होने की बात भी कही जा रही है। आरोप है कि यदि इन दुकानों की गहन जांच की जाए तो बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। किसानों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या नगर में खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि सागर कलेक्टर के लगातार निर्देशों का देवरी में सीधा उल्लंघन हो रहा है, और उनके अधीनस्थ अधिकारी इस गोरखधंधे को रोकने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि यूरिया की कमी के इस दौर में, जहाँ उन्हें खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, वहीं कुछ व्यापारी मुनाफाखोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। सरकारी मूल्य से दोगुने दाम पर खाद बेचना किसानों के साथ सीधा धोखा है और उनकी मेहनत की कमाई को लूटने जैसा है। इस घटना ने कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। यदि इस तरह की लूट खुलेआम जारी रहती है, तो किसानों की खेती पर इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, और वे अपनी फसलों की लागत भी वसूल नहीं कर पाएंगे।
क्षेत्रीय किसानों ने मांग की है कि अरिहंत फर्टिलाइजर के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए और इस गोरखधंधे में शामिल अन्य दुकानदारों की भी जांच कर पर्दाफाश किया जाए। इसके अतिरिक्त, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में सरकारी निर्देशों का पालन हो और किसानों को निर्धारित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध हो। स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय भूमिका निभाने और इस प्रकार की कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। सिर्फ निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि ठोस कार्रवाई से ही किसानों को राहत मिल सकेगी।
