देवरी में PWD की सड़कों पर घटिया सामग्री का आरोप, अधिकारी खामोश
सागर जिले के देवरी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत में घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल, रद्दी गिट्टी और लोकल सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे नई सड़कें और पुलिया कुछ ही समय में खराब हो रही हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 7 अगस्त 2026
सागर जिले के देवरी क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़कों की मरम्मत के कार्य में कथित तौर पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा सड़कों के गड्ढे भरने, पुलिया सुधारने और सड़क के किनारों पर 'बॉल' (बाउंड्री) निर्माण जैसे कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि निर्माण में धूल भरी डस्ट, रद्दी लोकल गिट्टी और लोकल कंपनी के सीमेंट का प्रयोग हो रहा है। विशेष रूप से, देवरी से बारह और पूरेना चौकी सड़क, तथा बारह पुलिया से रीछई ग्राम की सड़क पर हुए मरम्मत कार्यों में गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के कारण नई बनी सड़कों, पुलियों और बॉल निर्माण में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। लोगों के अनुसार, यह मरम्मत कुछ ही समय में दोबारा खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले में चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सड़क निर्माण और मरम्मत में गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया है कि नियमों और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। सड़क के दोनों तरफ बनाए गए 'बॉल' निर्माण में भी घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है, जिसके कारण उनमें भी तत्काल दरारें दिखने लगी हैं। इस स्थिति के चलते, क्षेत्रवासियों ने यह मांग की है कि संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की गहन जांच करें।
नागरिकों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो दोषी ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यह भी आरोप लगाया गया है कि इस पूरे प्रकरण में स्थानीय PWD विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं और उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अधिकारियों और ठेकेदार का पक्ष
इस पूरे मामले में लोक निर्माण विभाग के एसडीओ, यू.एस. तिवारी, से संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा, “ठेकेदार को बोल दिया है सुधार कार्य अब ठीक करेगा, अगली बार न्यूज़ मत लगाओ।” एसडीओ के इस बयान से संकेत मिलता है कि विभाग को गुणवत्ता संबंधी समस्याओं की जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के बजाय वे ठेकेदार को चेतावनी देने तक सीमित हैं।
वहीं, संबंधित निर्माण कार्य के ठेकेदार राकेश गुरु ने कहा, “निर्माण कार्य जैसा हो रहा है, सब अधिकारी की देखरेख में हो रहा है।” ठेकेदार के इस बयान से यह सवाल उठता है कि यदि काम अधिकारियों की देखरेख में हो रहा है, तो घटिया सामग्री का उपयोग कैसे हो रहा है और अधिकारी इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक, इस मामले पर PWD विभाग के संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई विस्तृत या आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
