दिल्ली: सत्य निकेतन में ढही पाँच मंजिला पीजी इमारत, एक की मौत
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक पाँच मंजिला पीजी इमारत ढह गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत और तीन गंभीर घायल हुए हैं। बचाव अभियान जारी है।

द क्लिफ न्यूज़ | दिल्ली | 6 सितंबर 2026
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक पाँच मंजिला पेइंग गेस्ट (पीजी) इमारत ढह गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ढह गई इमारत 'हॉस्टल डेज' के नाम से जानी जाती थी और इसका उपयोग दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पीजी के तौर पर किया जा रहा था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका के मद्देनजर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया।
दिल्ली पुलिस को दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। बचाव टीमों को घटना स्थल की तंग गलियों और आसपास बनी इमारतों के कारण मलबे तक पहुंचने और उसे सुरक्षित रूप से हटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरते ही एक तेज आवाज हुई और पूरा क्षेत्र धूल के गुबार से ढक गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने मलबे के नीचे से मदद की पुकार सुनने का भी दावा किया है।
बचाव अभियान में तेजी, एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय
किसी भी जीवित व्यक्ति के मलबे में फंसे होने की संभावना को देखते हुए एनडीआरएफ की विशेष टीमों को भी बचाव अभियान में शामिल किया गया है। प्रशिक्षित दल और डॉग स्क्वॉड की मदद से मलबे को अत्यंत सावधानी से हटाया जा रहा है ताकि अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। इस बीच, हादसे में बचाए गए घायलों को उपचार के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका इलाज किया जा रहा है।
घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। कुछ रिपोर्टों में इमारत की लगभग 20 साल की उम्र और बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य को संभावित कारणों में से एक बताया जा रहा है। हालांकि, इमारत गिरने के वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चल पाएगा। दिल्ली सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है, जो विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
सुरक्षा और पुरानी इमारतों पर उठे सवाल
सत्य निकेतन और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के आसपास का यह क्षेत्र छात्रों के लिए एक प्रमुख आवासीय हब है, जहाँ बड़ी संख्या में पीजी और हॉस्टल संचालित होते हैं। इस घटना ने इलाके में चल रहे अन्य छात्र-आवासीय भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। दिल्ली में लगातार हो रही बारिश के बीच हुए इस हादसे ने पुराने और निर्माणाधीन भवनों की सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े किए हैं, हालांकि बारिश को सीधे तौर पर इसका कारण मानने से अधिकारी कतरा रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना की जानकारी मिलने के बाद गोवा का अपना पूर्वनियोजित कार्यक्रम रद्द कर दिया है और स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान के पूरा होने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के विस्तृत कारणों और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
