दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई: बंगाल से 20 अतिरिक्त सीआरपीएफ कंपनियां पहुंचेंगी
बढ़ते प्रदर्शनों और संसद सत्र के बीच गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां करीब 2,000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की...

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तत्काल प्रभाव से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। प्रत्येक कंपनी में लगभग 100 जवान होते हैं, जिससे करीब 2,000 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होंगे।
इन सीआरपीएफ कंपनियों को कोलकाता से विशेष विमानों के जरिए दिल्ली एयरलिफ्ट किया जा रहा है। इनकी तैनाती मुख्य रूप से संसद भवन, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों, प्रमुख चौराहों और उन क्षेत्रों में की जाएगी जहाँ प्रदर्शनों की आशंका है। इस कदम का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना से प्रभावी ढंग से निपटना और शांति बनाए रखना है।
संसद सत्र और प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चाक-चौबंद
हाल के दिनों में दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा किए गए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती का निर्णय लिया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आगामी संसद सत्र के दौरान विरोध-प्रदर्शनों में वृद्धि की संभावना को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।
सूत्रों के अनुसार, ये सीआरपीएफ कंपनियां पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर वहां तैनात थीं। चुनाव संबंधी उनकी जिम्मेदारियां पूरी होने के बाद अब इन्हें दिल्ली स्थानांतरित किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए पहले से ही सीआरपीएफ की 30 कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टुकड़ियां राजधानी में तैनात हैं। 20 नई कंपनियों के आगमन से दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे संवेदनशील इलाकों में निगरानी क्षमता बढ़ेगी। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त बलों की तैनाती का प्राथमिक उद्देश्य राजधानी में पूर्ण शांति, कानून-व्यवस्था की बहाली और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पुलिस और केंद्रीय बल किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
