दिल्ली में महिला किसान सम्मेलन: नर्मदापुरम से पांच प्रतिनिधि होंगी शामिल
भारतीय किसान संघ 30 सितंबर को दिल्ली में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन आयोजित करेगा। नर्मदापुरम से पांच महिला प्रतिनिधि भाग लेंगी, जिनका उद्देश्य कृषि में...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 26 सितंबर 2026
भारतीय किसान संघ आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने पर मंथन होगा। नर्मदापुरम जिले से पांच महिला प्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर ली है, जिनके यात्रा और ठहरने की व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं।
संघ की जिला महिला संयोजिका आरती राजपूत और सहसंयोजिका अंजू राजपूत ने बताया कि राष्ट्रीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले से न्यूनतम पांच महिला प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य है। स्थानीय महिला कार्यकर्ताओं में इस सम्मेलन को लेकर काफी उत्साह है, और अधिक से अधिक महिलाओं को इसमें शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
कृषि में महिलाओं की भूमिका पर होगा विशेष मंथन
इस सम्मेलन का प्रमुख लक्ष्य कृषि और किसानी के कार्यों में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, किसान समाज की महिला वर्ग को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। राष्ट्रीय पदाधिकारी महिला कार्यकर्ताओं को राष्ट्र की मुख्यधारा में शामिल होने और सशक्तिकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करेंगे। यह आयोजन महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने और समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेगा। सम्मेलन में ऐसे विषयों पर चर्चा होगी जो सीधे तौर पर ग्रामीण महिलाओं के जीवन और उनकी आजीविका को प्रभावित करते हैं, जिससे वे अपनी आवाज को और प्रभावी ढंग से उठा सकें।
जागरूकता प्रसार और नीतिगत चर्चा
सम्मेलन के उपरांत, देशभर से एकत्रित हुईं महिला कार्यकर्ताएं अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर ग्रामीण स्तर पर जागरूकता फैलाएंगी। यह पहल ग्रामीण अंचल की महिलाओं को कृषि संबंधी अधिकारों के प्रति शिक्षित करने और उन्हें संगठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। आयोजन के माध्यम से कृषि नीति में महिलाओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर गहन चर्चा की जाएगी, जिससे किसानों के अधिकारों को मजबूती मिले और वे सशक्त बनें। इस मंथन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नीतियां बनाते समय महिलाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं और योगदानों को ध्यान में रखा जाए। साथ ही, यह सम्मेलन महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें और एक-दूसरे से सीख सकें। यह सामूहिक ज्ञान और अनुभव ग्रामीण महिलाओं को कृषि क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर और सशक्त बनने में मदद करेगा।
