दिल्ली लाठीचार्ज के विरोध में बलरामपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
दिल्ली पुलिस द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज और विपक्षी सांसदों से कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ बलरामपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 22 जुलाई 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और इस दौरान विपक्षी सांसदों से कथित दुर्व्यवहार के विरोध में बलरामपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार की रात शहर के वीर विनय कायस्था की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और महिलाओं को पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों से परेशान कर रखा है, जिसके कारण कई बार उनकी जान तक चली गई। सिंह ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है और जनता का विश्वास खो चुकी है।
इस्तीफे की मांग पर एकजुट हुए कांग्रेसी
जिला कोऑर्डिनेटर विनय कुमार मिश्र ने कहा कि सत्ता के घमंड में डूबी यह सरकार अपनी नाकामियां छुपाने का प्रयास कर रही है, लेकिन उसकी कलई खुल चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, कांग्रेस का यह आंदोलन जारी रहेगा। मिश्र ने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को लगातार कठघरे में खड़ा करती रहेगी और हर गलत नीति का पुरजोर विरोध करेगी।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के इस्तीफे की भी उठी मांग
इस दौरान, पूर्व प्रदेश सचिव चंद्रशेखर मिश्र ने सरकार पर ईवीएम के भरोसे चुनाव जीतने और जनता पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी के संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया। वरिष्ठ नेता पंकज गुप्त ने प्रदर्शनकारियों की मांग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह विरोध केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी मांग है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को भी अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। प्रदर्शन में अवधेश पाल सिंह, अमिरका प्रसाद, सुरेंद्र यादव, समीर सिंह, हफीजुल्ला सिद्दीकी, विशाल कश्यप, अशोक वर्मा, चंद्रिका प्रसाद जायसवाल, अजीत सिंह, सुधीर श्रीवास्तव और कादिर अली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने सरकार के खिलाफ तीव्र शब्दों में नारेबाजी की।
