दिल्ली की छात्रा से दुष्कर्म: डीएसओ ने पीजी कॉलेज में किया विरोध प्रदर्शन
दिल्ली की छात्रा से दुष्कर्म के विरोध में गुना पीजी कॉलेज में डीएसओ ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सुरक्षा नियमों के पालन में कमी और नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 3 सितंबर 2026
दिल्ली में एक स्लीपर बस में 11वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण उत्पीड़न की घटना के विरोध में गुना के पीजी कॉलेज में छात्र संगठन डीएसओ (DSO) द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कॉलेज कमेटी के अध्यक्ष शुभम राव ने कहा कि देश भर में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन अपराधों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
शुभम राव ने इस ओर भी इशारा किया कि 2012 के निर्भया कांड के बाद सार्वजनिक और निजी यात्री बसों के लिए सख्त सुरक्षा नियम बनाए गए थे, लेकिन वे आज भी केवल कागजों तक ही सीमित हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिस स्लीपर बस में छात्रा के साथ यह अमानवीय घटना हुई, वह नियमों का उल्लंघन करते हुए खिड़कियों पर पर्दे लटकाए 47 किलोमीटर तक चलती रही। इस दौरान न तो किसी जांच चौकी पर उसकी तलाशी ली गई और न ही कोई रोक-टोक हुई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में इस तरह की खामियों का खामियाजा अंततः महिलाओं और बच्चियों को ही भुगतना पड़ रहा है।
नशे को बढ़ावा देने और सुरक्षा की अनदेखी का आरोप
डीएसओ कॉलेज कमेटी ने बढ़ते अपराधों का मूल कारण शराब, नशा और अश्लीलता को बढ़ावा देना बताया है। उनका आरोप है कि सरकार इन पर रोक लगाने की बजाय लगातार शराब और नशे को बढ़ावा दे रही है, जिसका प्रमाण गली-गली में शराब की दुकानें खोलना है। उन्होंने गुना में नई शराब की दुकान खुलने का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार को महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है।
संगठन ने शैक्षणिक संस्थानों में भी छात्राओं के साथ छेड़खानी और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गुना पीजी कॉलेज में भी पहले कई बार छेड़खानी की घटनाएं हो चुकी हैं। डीएसओ ने पूर्व में भी जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर और आंदोलन कर अवगत कराया था कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास निर्भया वैन चलाई जानी चाहिए। लेकिन प्रशासन द्वारा कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई। कॉलेज परिसर में असामाजिक तत्वों की बढ़ती घुसपैठ पर भी कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
