दिल्ली: धर्मशाला-पुस्तकालय की मांग पर समाज कल्याण मंत्री को सौंपा ज्ञापन
राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट और संबंधित संगठनों ने दिल्ली के समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह को धर्मशाला व पुस्तकालय की स्थापना हेतु ज्ञापन सौंपा।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 अगस्त 2026
दिल्ली के समाज कल्याण कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह को मंगलवार को राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, द्वारका दिल्ली समिति, टाइगर फोर्स इंडिया और विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने धर्मशाला और पुस्तकालय की स्थापना से संबंधित विभिन्न मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री से मुलाकात कर इन मांगों के शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई।
प्रतिनिधिमंडल में राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, द्वारका दिल्ली समिति के महासचिव दीपसिंह दिल्ली, ट्रस्ट के उपसचिव और विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बघेल, ट्रस्ट के संगठन मंत्री अजय सिंह पाल, और विमुक्त घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ के पश्चिमी दिल्ली जिला अध्यक्ष सुधा पाल सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे।
पुस्तकालय को ज्ञान का केंद्र बनाने की वकालत
ज्ञापन में धर्मशाला पुस्तकालय की स्थापना को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों के अध्ययन का केंद्र मात्र नहीं है, बल्कि यह युवाओं, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ज्ञान और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। अतः, पुस्तकालय से संबंधित आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर, विमुक्त, घुमंतु और अर्द्धघुमंतु समुदायों के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को एक बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने संगठन की ओर से रखी गई विभिन्न मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आग्रह किया।
सामाजिक एवं शैक्षिक उत्थान का संकल्प
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर चैरिटेबल ट्रस्ट, टाइगर फोर्स इंडिया और विमुक्त घुमंतु-अर्द्धघुमंतु जनजाति महासंघ लगातार सामाजिक और शैक्षिक हितों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इन संगठनों का मुख्य उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और आवश्यक सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है।
समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत मांगों और ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि धर्मशाला पुस्तकालय से संबंधित मांगों और उठाए गए विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री के सकारात्मक रुख और कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम उठाएगी, जिससे पुस्तकालय से जुड़ी मांगों का समाधान होगा और विद्यार्थियों तथा समाज के जरूरतमंद वर्गों को इसका लाभ मिल सकेगा। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि शिक्षा और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने से समाज में ज्ञान, जागरूकता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
