डायल-112: मप्र पुलिस की संवेदनशीलता, खंडवा में युवक और सतना में नवजात की बचाई जान
मध्य प्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने खंडवा में एक युवक को आत्महत्या करने से रोका और सतना में झाड़ियों में मिले नवजात को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 11 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा 'डायल-112' एक बार फिर संकट की घड़ी में जीवनरक्षक साबित हुई है। प्रदेश के खंडवा और सतना जिलों में डायल-112 टीमों ने अपनी तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए न केवल एक युवक को आत्मघाती कदम उठाने से रोका, बल्कि झाड़ियों में परित्यक्त अवस्था में मिले एक नवजात शिशु को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसके उपचार और संरक्षण की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई।
यह घटनाएं दर्शाती हैं कि डायल-112 सेवा सिर्फ त्वरित पुलिस सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों के लिए जीवन रक्षक की भूमिका भी निभा रही है।
खंडवा में आत्महत्या की कोशिश को रोका
प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र की चौकी आशापुर में एक युवक ने रेलवे ब्रिज पर जाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। डायल-112 टीम को इस संबंध में सूचना मिलते ही आरक्षक श्री रघुवीर जाटव और पायलट श्री फरीद बिना किसी देरी के मौके पर पहुंचे। उस समय युवक रेलवे पटरी पर बैठकर वीडियो कॉल पर किसी से बात कर रहा था और आत्महत्या करने की बात कह रहा था। आरक्षक रघुवीर जाटव ने अत्यंत धैर्य और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए युवक से संवाद स्थापित किया और लगातार समझाइश दी। पुलिस टीम की मानवीय प्रयासों और प्रभावी समझाइश के कारण युवक शांत हुआ और उसने आत्मघाती कदम उठाने का विचार त्याग दिया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पारिवारिक विवादों के कारण मानसिक तनाव से गुजर रहा था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाने का निर्णय लिया था।
सतना में लावारिस नवजात को मिला जीवनदान
इसी क्रम में, सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने डायल-112 टीम को अक्षयबट तिराहे के पास झाड़ियों से नवजात शिशु के रोने की आवाज आने की सूचना दी। सूचना के अनुसार, कोई अज्ञात व्यक्ति नवजात को वहां छोड़कर चला गया था। सूचना मिलते ही सहायक उपनिरीक्षक श्री योगेन्द्र मिश्रा, आरक्षक श्री अजय देवरे और पायलट श्री बीरेन्द्र कुमार पाल ने घटना की गंभीरता को समझते हुए तत्काल थाना प्रभारी को अवगत कराया। बिना समय गंवाए, डायल-112 वाहन से नवजात शिशु को शासकीय अस्पताल मझगवां पहुंचाया गया। अस्पताल में नवजात को प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके उपरांत उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में नागरिकों तक सबसे कम समय में पहुंचकर उनकी सुरक्षा और जीवन रक्षा सुनिश्चित करना है। इन घटनाओं से एक बार फिर साबित हुआ है कि डायल-112 की टीमें हर परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निभा रही हैं।
