दतिया उपचुनाव: कांग्रेस की बढ़त जारी, भाजपा के दावे फेल
दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस ने आठवें राउंड में भाजपा पर 6,583 वोटों की कुल बढ़त बना ली है। नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा...

द क्लिफ न्यूज़ | दतिया | 3 अगस्त 2026
दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस पार्टी लगातार बढ़त बनाए हुए है। मतगणना के आठवें राउंड के अंत तक, कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर 6,583 वोटों की कुल बढ़त हासिल कर ली है। दतिया शहर के आठवें राउंड में कांग्रेस को भाजपा पर 3,288 वोटों की बढ़त मिली, जिससे कुल अंतर और स्पष्ट हो गया। यह प्रारंभिक परिणाम कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हैं, जो इस बार अपनी स्थिति मजबूत करने की उम्मीद कर रही है।
इस उपचुनाव में कांग्रेस की बढ़त के पीछे के समीकरणों पर बात करते हुए, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दैनिक भास्कर से कहा कि भाजपा के उस नेता, जिसका टिकट काटा गया, ने भी अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को वोट दिलाने में मदद की है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी समीकरणों के निष्कर्ष से कांग्रेस को यह महत्वपूर्ण बढ़त मिल रही है। सिंघार के इस बयान से भाजपा के भीतर अंतर्कलह की ओर इशारा किया जा सकता है, जो कांग्रेस के लिए चुनावी लाभ का एक अतिरिक्त कारक साबित हो सकता है।
भाजपा का आत्मविश्वास और हार की आशंका
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मतगणना के दौरान भी अपनी पार्टी की जीत का दावा दोहराया। उन्होंने कहा, "भाजपा ही जीतेगी, मैं प्रारंभ से ही यह कह रहा हूं।" मिश्रा ने सामूहिक प्रयास को जीत का श्रेय देते हुए कहा कि यह केवल उनकी अकेले की मेहनत नहीं है, बल्कि भाजपा में सामूहिक प्रयास होता है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों को भी रंग लाने की बात कही। हालांकि, चुनावी रुझान इन दावों के विपरीत दिखाई दे रहे हैं, जिससे भाजपा खेमे में चिंता की लहर दौड़ सकती है। भाजपा नेतृत्व इस हार के कारणों का गहन विश्लेषण करेगा, खासकर तब जब एक अनुभवी नेता को इस तरह की हार का सामना करना पड़े।
उपचुनाव की वजह और पिछला इतिहास
यह उपचुनाव दतिया विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक धोखाधड़ी मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर पिछला मुकाबला काफी कड़ा रहा था। 2023 के विधानसभा चुनाव में, राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7742 वोटों के अंतर से पराजित किया था। यह परिणाम उस समय भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना गया था, जिसने नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक स्थिति को भी प्रभावित किया था। भारती की सजा के बाद यह सीट फिर से खाली हुई है, और यह उपचुनाव न केवल वर्तमान राजनीतिक शक्ति संतुलन को दर्शाएगा, बल्कि पिछले चुनाव के नतीजों की पुनरावृति की संभावनाओं पर भी प्रकाश डालेगा। कांग्रेस इस सीट को बरकरार रखने की पूरी कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा इसे वापस जीतने के लिए पुरजोर प्रयास कर रही है।
