दंदरौआ धाम में बुढ़वा मंगल मेले की तैयारियां, सुरक्षा व श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर
भिण्ड के दंदरौआ धाम में 22 सितंबर को होने वाले बुढ़वा मंगल मेले की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक हुई। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन...

भिण्ड | संवाददाता: दीपेंद्र बोहरे
द क्लिफ न्यूज़ | भिण्ड | 9 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के भिण्ड जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्ध पीठ दंदरौआ धाम में आगामी 22 सितंबर को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक बुढ़वा मंगल मेले की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और महामंडलेश्वर महंत रामदास महाराज की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेले के सुचारू संचालन हेतु कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।
मंत्री राकेश शुक्ला ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बुढ़वा मंगल के पावन अवसर पर दंदरौआ धाम में भव्य मेले का आयोजन एक महत्वपूर्ण आयोजन होता है। दूर-दराज से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भगवान डॉ. हनुमान के सुगमता से दर्शन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मेला प्रारंभ होने से पूर्व ही बिजली, शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए सुगम मार्ग और दर्शन उपरांत उनकी सुरक्षित निकासी हेतु मजबूत बैरिकेडिंग तथा एक प्रभावी रूट प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष जोर दिया कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस वर्ष के मेले को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया, खासकर भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित करें। मंत्री ने यह भी कहा कि मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत सत्कार पूरी गरिमा के साथ किया जाना चाहिए।
मेला परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों पर अंकुश, एलईडी से होंगे दर्शन
अपर कलेक्टर राजन बी नाडिया ने मेला परिसर के भीतर स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए निर्देश दिए कि मंदिर के गर्भगृह और मुख्य परिसर में किसी भी प्रकार की दुकान या स्टॉल नहीं लगाए जाएंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को अनावश्यक भीड़भाड़ और असुविधा से बचाना है, जिससे वे निर्बाध रूप से प्रभु दर्शन कर सकें। उन्होंने बताया कि मेले के विभिन्न नाकों पर टेंट, कुर्सी, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और मार्गों के किनारों पर उगी झाड़ियों की तत्काल कटाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध रहे। अग्निशामक दल और स्वच्छता कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में तैनाती की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर भक्तजन सीधे गर्भगृह के दर्शन कर सकेंगे। यह व्यवस्था उन श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से सहायक होगी जो भीड़ के कारण गर्भगृह तक नहीं पहुंच पाते। पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जिससे किसी भी अप्रिय घटना या संदिग्ध गतिविधि को तत्काल नियंत्रित किया जा सके। इन कैमरों के माध्यम से निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
दुकानों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे न केवल मंदिर परिसर की स्वच्छता बनी रहेगी, बल्कि आग लगने जैसी दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम किया जा सकेगा। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दर्शन की सुविधा सुनिश्चित करके, आयोजक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर भक्त को भगवान के दर्शन का अवसर मिले, चाहे भीड़ कितनी भी क्यों न हो।
स्वास्थ्य सेवाएं और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित
एसडीएम नवनीत शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान चौबीस घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी परिस्थिति में बिजली कटौती न हो। यह सुनिश्चित करने के लिए कि बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, जनरेटर की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को सर्वोपरि रखते हुए, मंदिर के तीनों मुख्य द्वारों पर एंबुलेंस की उपलब्धता, महिला डॉक्टरों की विशेष टीम के साथ एक अस्थाई चिकित्सालय और एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह चिकित्सालय श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक उपचार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा।
इसके अतिरिक्त, श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शुद्ध पेयजल के टैंकर और अस्थाई शौचालयों का निर्माण भी कराया जाएगा ताकि साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या उत्पन्न न हो। पीने के पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की जाएगी। शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव की व्यवस्था भी की जाएगी।
यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या स्वच्छता की कमी से परेशान न हों। महिला डॉक्टरों की टीम की उपस्थिति विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं के लिए सहायक होगी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा, एसडीओपी संजय कौच्छा, तहसीलदार मनोज धाकड़, जनपद सीईओ मेहगांव राजीव मिश्रा, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष केपी सिंह भदौरिया, खंड शिक्षा अधिकारी राजवीर शर्मा, रामबरन पुजारी, दंदरौआ धाम के प्रवक्ता जलज त्रिपाठी, अमित दांतरे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उपस्थितजनों को भरोसा दिलाया कि मेले से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी, ताकि प्रदेशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे सुचारू रूप से अपने आराध्य के दर्शन कर सकें। उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
